उन्नाव। कई खेलों के कोच न होने से शहर के एकमात्र पं. दीनदयाल उपाध्याय स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने आने वाले खिलाड़ियों ने यहां आना छोड़ दिया है। जिसके चलते स्टेडियम वीरान नजर आने लगा है।
हर वर्ष मार्च-अप्रैल माह में परीक्षाएं समाप्त होने के बाद भारी संख्या में बच्चे स्टेडियम में संचालित होने वाले इन्डोर व आउटडोर गेम में प्रवेश लेते हैं। इस बार हालात बदले हुए हैं। स्टेडियम में संचालित होने वाले अधिकांश खेलों को सिखाने वाले प्रशिक्षक नहीं हैं। जिनमें हैं भी वह संविदा पर हैं। मौजूदा समय में स्टेडियम में केवल बैडमिंटन, फुटबाल और वेट लिफ्टिंग के ही कोच हैं। शेष क्रिकेट, हाकी, फुटबाल, वालीबाल, टेबुल टेनिस आदि खेलों को सिखाने के लिए प्रशिक्षक नहीं हैं। इसी कारण स्टेडियम में इन खेलों में बच्चों का प्रवेश ही नहीं लिया जा रहा है।
क्रीडाधिकारी एसएस मिश्रा ने बताया दो सालों से क्रिकेट के कोच नहीं हैं। दो साल पहले लखनऊ से अभय सिंह आए थे। संविदा समाप्त होने के बाद वह भी चले गए। छोटा जिला होने के कारण यहां कोई आना नहीं चाहता। जिले में कोई ऐसा कोच नहीं है जो स्टेडियम में आकर बच्चों को प्रशिक्षण दे सके। सरकार जहां खेलों में रुचि बढ़ाने के लिए तरह तरह की नई योजनाएं संचालित कर रही है। वहीं यह जिला खेल में पिछड़ता जा रहा है।