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मिलकर लड़ी जाएगी कुपोषण से जंग

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उन्नाव। डीएम, सीडीओ के साथ अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों की मदद से जिले से कुपोषण को दूर किया जाएगा। इसके लिए डीएम व सीडीओ ने कुपोषित दो-दो और जिलास्तरीय अफसरों ने एक-एक गांव को गोद लिया है। एक और एक से अधिक कुपोषित बच्चे मिलने के बाद चयनित किए गए 65 गांवों में कई विभागों की योजनाएं चलाकर कुपोषण दूर किया जाएगा।
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पांच वर्ष से कम उम्र के आधे से अधिक बच्चों की मौत का एक प्रमुख कारण मातृ एवं शिशु कुपोषण है। कुपोषण के कारण बच्चों की असमय मौत हो जाती है। जो कुपोषण से प्रभावित बच्चे जीवित रहते हैं उनकी भी प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। जिससे वह अक्सर बीमार रहते हैं और उनका विकास नहीं हो पाता है। जिले में कुपोषित गांवों की संख्या 65 है। इन गांवों से कुपोषण दूर करने के लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार की गई है। जल निगम अफसर को निर्देश दिए हैं कि कुपोषित गांवों के आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूल, स्वास्थ्य उपकेंद्र में सुरक्षित पीने के पानी की व्यवस्था करें। डीपीआरओ आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के अनुकूल शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। डीएसओ को आयोडीनयुक्त नमक शामिल करने के लिए लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का विस्तार और कुपोषित बच्चों के परिवारों को पीडीएस के तहत लाभार्थियों के रूप में पंजीकरण करने का जिम्मा सौंपा गया है। कुपोषित बच्चों के परिवारों के लिए रोजगार की व्यवस्था डीआरडीए पीडी करेंगे।
बीएसए व डीआईओएस एनीमिया को कम करने के लिए किशोर/किशोरियों और बच्चों की देखभाल और बेहतर पोषण शिक्षा देंगे। सीएमओ कुपोषित गांवों में एक अभियान चलाकर एएनएम, आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकत्री व मुख्य सेविका के माध्यम से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों का वजन कराएंगे। 30 नवंबर तक अतिकुपोषित बच्चों (लाल श्रेणी में) की सूची तैयार कराई जाएगी। गर्भावस्था के दौरान आवश्यक रूप से गर्भवती महिला का वजन वृद्धि की निगरानी, टीकाकरण, आयरन की 100 गोलियों और अतिरिक्त आहार संबंधी परामर्श देने के निर्देश सीएमओ को दिए गए हैं।
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सीडीओ की कार्ययोजना को मिली शाबाशी
कुपोषित गांवों से कुपोषण दूर करने के लिए सीडीओ नेहा शर्मा द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना को आयुक्त ग्राम्य विकास कामरान रिजवी ने सराहा है। इसके लिए उन्होंने सीडीओ को शाबाशी दी है। आयुक्त ने उम्मीद जताई कि यदि इस कार्ययोजना को शत-प्रतिशत ढंग से लागू कर दिया गया तो इससे कुपोषण दूर करने में आसानी होगी।

डीएम ने कांथा, सहरावां और सीडीओ ने केवाना व आशाखेड़ा को लिया गोद
उन्नाव। कुपोषण दूर करने के लिए लागू किए गए राज्य पोषण मिशन कार्यक्रम के तहत डीएम सौम्या अग्रवाल ने असोहा के गांव कांथा, सहरावां और सीडीओ नेहा शर्मा ने नवाबगंज के केवाना व आशाखेड़ा कुपोषित गांवों को गोद लिया है। शेष बचे 61 कुपोषित गांवों को जिलास्तरीय अधिकारियों (एसडीएम सहित) ने गोद लिया है।
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