उन्नाव। जिला अस्पताल में शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण और सीएमएस सहित कई डॉक्टरों पर कार्रवाई के बाद भी डाक्टरों के रवैये में कोई सुधार नहीं हुआ है। हालत यह है निर्धारित समय से डेढ़ घंटे बाद भी डॉक्टरों के कक्ष में ताला लटकता रहता है। नतीजतन मरीज कक्ष के बाहर खड़े डॉक्टर का इंतजार करते रहते हैं। अमर उजाला रिपोर्टर ने सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी का दौरा किया तो अव्यवस्था उभर कर सामने आई। पेश है लाइव रिपोर्ट सोमवार को अमर उजाला रिपोर्टर सदर अस्पताल पहुंचा तो वरिष्ठ परामर्शदाता डा.बीएसए चौहान के कक्ष के दरवाजे पर ताला लटक रहा था। कक्ष के बाहर खड़े मरीज ताला खुलने का इंतजार कर रहे थे। मरीजों से पूछा गया वे यहां कितनी देर से खड़े हैं तो उनका कहना था कि लगभग एक घंटे से। सोमवार को महिला अस्पताल में डॉक्टर के कक्ष में पड़ी कुर्सी खाली थी। सीट से डॉक्टर नदारत थीं। कक्ष के बाहर बैठे मरीज उनका इंतजार कर रहे थे। मौके पर बैठी अस्पताल की महिला कर्मचारी से पूछा गया डॉक्टर साहब कहां हैं तो उसने जवाब दिया आ गई हैं किसी कार्य से लेबर रूम गई हुई हैं।
बाल एवं नवजात शिशु विशेषज्ञ डॉ. अनु कुमार के कक्ष की कुर्सी खाली पड़ी थी। कमरे के बाहर कई तीमारदार अपने मरीज को दिखाने के लिए बाहर बैठे डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। मरीजों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि काफी देर से कमरा तो खुला है लेकिन डॉक्टर साहब अभी तक नहीं आए हैं।
स्वास्थ्य बीमा योजना की जानकारी देने व योजना के संचालन के लिए बनाए गए कक्ष में भी ताला लटक रहा था। मौजूद कर्मचारियों से कमरे का ताला खोलने के बारे में पूछा गया तो उन्हाेंने बताया कि यह आए दिन ऐसे ही खुलता है। सीएमओ डॉ. गीता यादव का कहना है मंत्रीजी के निर्देशों का पालन हर हाल में किया जाएगा। डॉक्टरों को समय से ओपीडी करनी है। यदि डॉक्टर समय से नहीं आ रहे हैं तो स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सीएमएस से कहकर इसकी जांच कराई जाएगी।