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आम और खास की आवाज के संवाहक थे निराला

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बीघापुर। महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के 53 वीं पुण्य तिथि पर उनके पैतृक गांव गढ़ाकोला और मनोहरा डिग्री कालेज में श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। वक्ताओं ने उन्हें वेदना, विराग, संवेदनाओं, स्वाभिमान एवं संघर्ष का व्यक्तित्व बताया।
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निराला शिक्षा निधि के संस्थापक कमला शंकर अवस्थी ने कहा कि निराला जी ने हमेशा गरीबों, पीड़ितों की आवाज बुलंद की और रूढ़िवदिता, सामाजिक विषमता व सत्ता सामंतों के विरुद्ध शंखनाद किया। विद्रोह व संघर्ष दोनों ही रास्तों पर चल कर आम और खास की आवाज के संवाहक बने। निराला शिक्षा निधि की मंत्री शिखा मिश्रा ने कहा कि निराला दानवीर थे। जीवन भर उन्होंने शंकर की तरह का विषपान किया। हम सब को निराला के व्यक्तित्व से सीख लेना चाहिए तथा समाज के पीड़ित व गरीब तबके के लोगों की मदद में आगे आना चाहिए। इस गांव की ऐसी ही 25 महिलाओं को मां रामदुलारी स्मृति न्यास आगामी 9 दिसंबर को कंबल देकर सम्मानित करेगा। निराला कालेज के उप प्रबंधक बृज किशोर वर्मा ने कहा कि आज की पीढ़ी निराला जैसे महानायक से परिचित नहीं है। उन्हें निराला साहित्य पढ़ना चाहिए और उससे सीख लेनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान ऊषा देवी व संचालन मनोहरा डिग्री कालेज की हिन्दी प्रवक्ता डॉ. शशि रंजना ने किया। अन्य प्रमुख वक्ताओं में निराला कालेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह, मनोहरा कालेज की प्राचार्य डॉ. कुसुम लता, कुलभूषण अवस्थी, मीनाक्षी सिंह, रामू अवस्थी, अखिलेश शुक्ला, नीतू सिंह आदि रहीं। आभार निराला के परिजन राजकुमार त्रिपाठी ने व्यक्त किया। अन्य उपस्थित लोगों में बाबू लाल मिश्र, श्याम लाल, अंजू यादव आदि रहे। इसी तरह महाप्राण निराला कालेज व मनोहरा गर्ल्स कालेज में भी महाकवि का निर्वाण दिवस मनाया गया। इस दौरान उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया।
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