उन्नाव। राजकीय निराला उद्यान में गुरुवार को दो दिवसीय किसान मेले का उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने कहा बागवनी करके कम समय में, कम लागत से अधिक लाभ लिया जा सकता है। मेले में आए हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं समाधान किया। मेले में 520 किसानों ने पंजीकरण कराया।
डीएम ने कहा कि खेती भी एक तरह का व्यवसाय है इसको समय के साथ बदलना चाहिए। जिला औद्यानिक मिशन के तहत चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाएं। डीएम ने कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, रेशम, आंगनवाड़ी, उन्नाव एग्री क्लीनिक, एग्री नर्सरी एंड प्लांट सेंटर के स्टालों का निरीक्षण किया। जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र शुक्ला ने योजनाओं की जानकारी दी।
कृषि वैज्ञानिक वीके सिंह ने संरक्षित खेती के संबंध में जानकारी दी। सीमैप लखनऊ के डा. आरपी यादव ने औषधीय फसलों के बारे बताया। सीएसए के उद्यान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. जीएस गौड़ ने शाक भाजी खेती की महत्ता एवं आधुनिक खेती की समस्याओं का हल बताया। मेले में 520 किसानों ने नामांकन कराया। दूर दराज से आए किसानों ने निराला उद्यान में लगे स्टाल का अवलोकन कर स्टाल पर विभाग की योजनाओं की जानकारी की। उद्यान विभाग द्वारा पचास किसानों को सरोसी ब्लाक के कुर्मिन खेड़ा के प्रगतिगील किसान कृष्ण कुमार पटेल द्वारा आधुनिक तरीके से की गई खेती को मौके पर ले जाया गया। मेले में प्रमुख रूप से जिला विकास अधिकारी राममणि त्रिपाठी, मत्स्य अधिकारी मोनिसा सिंह, नेडा, पशु अधिकारी डा. डीएन मिश्रा, बीएल यादव, डा. आरएस यादव, काली शंकर त्रिपाठी, विनय, डा. एके सिंह, आरबी वर्मा, ईश्वरी, अशोक, हृदेश, डा. एके दुबे आदि लोग थे। कार्यक्रम का संचालन डा. पीसी पांडेय ने किया।