उन्नाव। खरीफ की मुख्य फसल माना जाने वाला मक्का अब रवी के मौसम में भी खेतों में लहराता दिखेगा। कृषि वैज्ञानिकों ने मक्के की नई वैरायटी एचक्यूएम-5 ईजाद की है। इसे गेहूं की फसल के साथ बोया जा सकेगा। किसानों तक नया बीज पहुंचाने की तैयारी कर रहे कृषि विभाग ने इस बार रवी के मौसम में मक्का को 0.261 हेक्टेयर क्षेत्र में बोने का लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है। यानि सर्दियों के मौसम में ठिठुरन भरी ठंड के बीच आप इस बार ताजे भुट्टे का मजा ले सकेंगे।
बाजार में मक्के से बनी नई-नई खाद्य सामग्री आ जाने से इसकी मांग भी बढ़ी है। पॉपकार्न से लेकर फ्लैक्स तक रोजमर्रा की जीवन में शामिल हो गया है। कृषि विभाग की मानें तो हर साल मक्का का जो लक्ष्य निर्धारित किया जाता है उसे पाने में बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। काफी फसल को बारिश व ओलावृष्टि के कारण नष्ट हो जाती थी। खरीफ की इस फसल को बड़ी मुश्किल में किसान तैयार कर पा रहे थे। लेकिन अब नया बीज बाजार में आ जाने के बाद मक्का को रवी के मौसम में गेहूं के साथ भी बोया जा सकेगा। इस मौसम में बारिश न होने व मौसम भी फसलों के अनुकूल होने के कारण इसकी अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। कृषि विभाग ने रवी फसलों की बुआई के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए जनपद में लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। पिछले वर्ष के सापेक्ष गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, अरहर, सरसों, अलसी का तो लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही मक्का की फसल के लिए भी लक्ष्य निर्धारित हुआ है। लक्ष्य की पूर्ति के लिए कृषि विभाग के जनपद के सोलह ब्लाकों में क्षेत्रफल के आधार पर लक्ष्य बांटने की तैयारी शुरू कर दी है।
इनसेट.........
बढ़ाया गया फसलों का लक्ष्य
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार रवी की फसलों का लक्ष्य बढ़ा दिया है। गेहूं का लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में 1494 हेक्टेयर बढ़ाया गया है। इसी प्रकार दूसरी फसलों में भी इसी तरह इजाफा किया गया है।
फसल गत वर्ष पूर्ति इस वर्ष लक्ष्य
गेहूं 241717 243211
जौं 1191 1208
चना 3039 3043
मटर 660 665
मसूर 543 743
अरहर 1468 1968
सरसो 12800 17741
अलसी 0.065 0.038
इनसेट.......
मक्का का नया बीज आ जाने से अब इस फसल को गेहूं के साथ बोया जाएगा। मकका को अब खरीफ की फसल मानना पुरानी बात हो गई है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि बाजार में मक्का की मांग भी बढ़ रही है।
ओपी मिश्रा
जिला कृषि अधिकारी उन्नाव।