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पूर्व बीडीओ, एडीओ कृषि और वीडीअो पर गिरी गाज

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उन्नाव। सफीपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत मवईलाल के मजरे ब्रजपालपुर में अपात्रों को इंदिरा आवास दिए जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला विकास अधिकारी की जांच में तत्कालीन बीडीओ, एडीओ (कृषि), ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, लेखाकार को दोषी पाया गया है। डीडीओ ने डीएम को सौंपी रिपोर्ट में बीडीओ व एडीओ कृषि को निलंबित करने के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है। वहीं वीडीओ और लेखाकार को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ दो वेतनवृद्धि रोक दी गई है।
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ब्रजपालपुर निवासी अजीत कुमार सिंह ने डीएम को दिए शिकायतीपत्र में इंदिरा आवासों में आवंटन में धांधली का आरोप लगाया था। बताया था कि गांव में राजेश्वरी, राधाकृष्ण, एगराज, किशोरी, सत्यपाल, रामपाल, लीला, रामप्रकाश, राजाराम, महाबली, गंगाराम, कल्लू व साहबलाल आदि के नाम से खाते खुलवाकर इंदिरा आवासों का फर्जी धन निकाल लिया गया। इसके अलावा पति-पत्नी में राजाराम, मंशाराम, जगन्नाथ, रामजानकी, महेन्द्र, मीना देवी पत्नी महेन्द्र, विनोद पुत्र नन्हू, सोमवती पत्नी विनोद, गंगाराम पुत्र रामपाल, रामदेवी पत्नी गंगाराम आदि के नाम इंदिरा आवास आवंटित कर दिए गए। बीपीएल क्रमांक 22740 जो जगतनारायण के नाम है। इस पर नीरज देवी को इंदिरा आवास आवंटन किया गया। इसी प्रकार पांच अन्य लाभार्थी हैं। जिनके नाम बीपीएल क्रमांक पर दूसरों को आवास दे दिया गया। डीएम के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी राममणि त्रिपाठी ने गांव में जाकर मामले की जांच की थी। जांच में मामला सही पाया गया। डीडीओ ने तत्कालीन बीडीओ जगन्नाथ कुरील, एडीओ कृषि गंगाचरण शंखवार को प्रमुख रूप से दोषी माना। एडीओ कृषि ने पूर्व में मामले की जांच की थी। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को सूचना नहीं दी। साथ ही जांच रिपोर्ट में वीडीओ के हस्ताक्षर तक नहीं कराए। बीडीओ को निलंबित व अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास और एडीओ कृषि को निलंबित और कार्रवाई के लिए संबंधित विभागीय निदेशक को पत्र भेजा गया है। डीडीओ ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दिलीप कुमार भारती को भी दोषी मानते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि व दो साल की वेतनवृद्धि रोक दी है। अभिलेख सही न रखने पर लेखाकार शिवकिशोर पांडेय की भी दो साल की वेतन वृद्धि व उन्हें बैड इंट्री दी गई है। एकाउटेंट की सत्यनिष्ठा संदिग्ध पाई गई है। इस मामले में जिला सहकारी बैंक सफीपुर के मैनेजर की भी भूमिका संदिग्ध पाई गई। शाखा प्रबंधक को निलंबित करने और अन्य कार्रवाई के लिए उनके उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
बैंक में जमा 4 लाख रुपए वापस मांगे
इंदिरा आवास के 9 लाभार्थियों का 4,05,000 रुपये बैंक खाते में ही रखा था। जांच पड़ताल के दौरान मामले की जानकारी हुई। इस पर बैंक को पत्र भेजकर यह धनराशि परियोजना निदेशक डीआरडीए को वापस करने के लिए कहा गया है।
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ब्रजपालपुर में अपात्रों को इंदिरा आवासों आवंटन के मामले में पूर्व बीडीओ व एडीओ कृषि पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। कई अन्य भी कार्रवाई की गई है। - नेहा शर्मा, प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी उन्नाव।
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