नवाबगंज। एनएचएआई ने कानपुर-लखनऊ हाइवे पर चलाए जा रहे अतिक्रमण अभियान के दूसरे दिन मंगलवार को एक 80 साल पुराना धार्मिक स्थल गिरा दिया। इससे क्षेत्रीय लोग भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। कुछ ही देर में सूचना पर भाजपा व बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। हाइवे पर जाम लगाने का प्रयास कर रहे लोगों को अजगैन थाना पुलिस ने समझाकर शांत कराया और नवाबगंज चौकी में दोनों के बीच मंदिर दोबारा बनवाने पर सहमति बनी। एनएचएआई ने लिखित आश्वासन देकर मंदिर को 25 दिनों के भीतर बनवाने की बात कही है।
कानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर नवाबगंज कस्बे में हाइवे किराने करीब 80 साल पुराना धार्मिक स्थल था। जिसे एनएचएआई ने मंगलवार को गिरा दिया। जैसे ही धार्मिक स्थल गिरा लोगों का गुस्सा भड़क उठा और लोग सड़क पर उतर आए। भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष नूतन सिंह, आलोक जायसवाल, सरवन तिवारी, मुकुंद मोहन त्रिपाठी, राहुल सिंह के साथ ही बजरंग दल के भी कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और धार्मिक स्थल को फिर से बनवाने व एनएचएआई के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि धार्मिक स्थल का निर्माण कस्बे के स्व. प्रताप नारायण द्विवेदी ने करीब 80 साल पूर्व कराया था। धार्मिक स्थल तोड़े जाने व हंगामे की सूचना मिलते ही स्व. प्रताप नारायण द्विवेदी के पौत्र संजय कुमार द्विवेदी भी कोर्ट के आदेश व खतौनी लेकर पहुंच गए और दिखाया कि यह धार्मिक स्थल उनका है और उसका मुआवजा उन्होंने नहीं लिया है। बगैर परमीशन के ही एनएचएआई ने धार्मिक स्थल तोड़ दिया। उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी तक नहीं दी गई। इस पर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। मौके पर पहुंचे एसओ अजगैन राजकरन शर्मा व नवाबगंज चौकी प्रभारी योगेश दीक्षित दोनों पक्षों को चौकी पर ले आए जहां करीब एक घंटे तक चली वार्ता के बाद एनएचएआई के ऑपरेशन मैनेजर बृजेंद्र तिवारी ने लिखित तौर पर 25 दिनों के भीतर धार्मिक स्थल को दोबारा बनवाने का वादा किया। जिसके बाद लोग शांत हुए। ऑपरेशन मैनेजर ने बताया कि किसी ने उन्हें गलत जानकारी दी थी कि इस धार्मिक स्थल में पूजा पाठ नहीं होती है और वह विभाग की सरहद में आता है। जिसके चलते धार्मिक स्थल गिरा दिया गया। धार्मिक स्थल का निर्माण दोबारा कराया जाएगा। अजगैन थानाध्यक्ष राजकरन शर्मा ने बताया कि कल से धार्मिक स्थल का निर्माण एनएचएआई उसी स्थान पर शुरू कराएगा। जेसीबी से मलवा हटवाने का काम शुरू करा दिया गया है।