उन्नाव। हाइवे पर रेलवे ओवर ब्रिज की एक तरफ की सर्विस लेन भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया। प्रशासन ने आरओबी की सर्विस लेन की रेलिंग न बन पाने के चलते यह कदम उठाया है। एसपी ने बताया कि भार वाहनों के पलटने का खतरा था, जिसकारण यह निर्णय लिया गया है। एक सप्ताह में बंद हुई सर्विस लेन को चालू कर दिया जाएगा, जबकि दूसरी तरफ की सर्विस लेन चालू होने में दो सप्ताह का समय लगेगा।
लखनऊ-कानपुर हाइवे पर जाम से निजात के लिए राजमार्ग प्राधिकरण ने वर्ष 2010 में हाइवे स्थित रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी थी। निर्माण का काम मार्च 2012 तक पूरा किया जाना था, लेकिन निर्माण एजेंसी की सुस्ती के चलते काम तय समय सीमा बीतने के दो साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया। डीएम सौम्या अग्रवाल ने एनएचएआई के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के कर्मचारियों के साथ बैठक कर आरओबी के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। डीएम ने राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगाकर प्रतिदिन हुई कार्य प्रगति की वीडियो रिकार्डिंग कराई और एनएचएआई के उच्चाधिकारियों को प्रतिदिन कार्य प्रगति की भेजी। डीएम की सख्ती के चलते निर्माण एजेंसी ने तेजी दिखाई। छह दिन पहले आए लोनिवि के प्रमुख सचिव ने जिले का दौरा किया और जाम की समस्या से निपटने के लिए ओवरब्रिज की सर्विस लेन से वाहनों का आवागमन शुरू करने के निर्देश दिए। उसी दिन बाएं ओर की (लखनऊ से कानपुर की ओर) सर्विस रोड से वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया। बुधवार सुबह डीएम सौम्या अग्रवाल ने एसपी और एएसपी के साथ आरोबी का निरीक्षण किया। उन्होंने सर्विस रोड की रेलिंग न बनने से बड़ी दुर्घटना की आशंका जताई। एसपी रतन कुमार श्रीवास्तव ने भार वाहनों के ओवरब्रिज की सर्विस रोड से आवागमन पर रोक लगा दी। एसपी ने कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र कुमार रघुंशी और यातायात प्रभारी जेएन सिंह को बुलाया और भारी वाहनों का आवागमन रोकने के लिए लोहे का हाईटगेज लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने यहां पर एक सिपाही और एक यातायात सिपाही को तैनात करने के निर्देश दिए। एसपी ने बताया कि रेलिंग बनने में एक सप्ताह का समय लगेगा। निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने दो सप्ताह में दाहिनी (कानपुर से लखनऊ) ओर से भी वाहनों के आवागमन के लायक बनाने का आश्वासन दिया है।