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जनता के 10.50 करोड़ यूडीए में फंसे

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उन्नाव। यूडीए की योजना में पैसा लगाकर अपना आशियाना बनाने का इंतजार कर रहे डेढ़ हजार लोग अभी भी कार्यालय की सीढ़ियां चढ़-उतर कर परेशान हो रहे हैं। निराला नगर आवासीय योजना सेक्टर-2 का मामला सुप्रीम कोर्ट में जाने के बाद से अधर में लटक गई थी और 2244 आवेदकों को करारा झटका लगा था। इनमें से लगभग साढ़े सात सौ लोगों ने यूडीए से अपना 5.5 करोड़ रुपये वापस ले लिया है, जबकि लगभग डेढ़ हजार लोगों का 10.50 करोड़ रुपये अभी भी यूडीए के पास फंसा हुआ है। उधर यूडीए इस मामले में कोई प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार कर रहा है।
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उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूडीए) की निराला नगर आवासीय योजना सेक्टर-2 में कुल 199 भूखंडों के लिए कुल 2244 लोगों ने आवेदन किया था। इन लोगों को लाटरी के माध्यम से प्लाटों का एलाटमेंट किया जाना था। इसके लिए सभी आवेदकों से भूखंडों की कीमत की 10 प्रतिशत पंजीकरण राशि के रूप में जमा की थी, लेकिन इस योजना के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि के कुछ किसान हाईकोर्ट चले गए और हाईकोर्ट ने यूडीए द्वारा इस भूमि अधिग्रहण को गलत ठहराते हुए रोक लगा दी। इसके बाद यूडीए ने सुप्रीम कोर्ट में वाद दाखिल किया था।

करार के बाद भी नहीं दिया जा रहा ब्याज
यूडीए की ओर से योजना के शुरू होने पर यह कहा गया था कि यदि योजना की शुरुआत के 11 महीने के भीतर कोई भी व्यक्ति अपना पैसा वापस लेता है तो उसे मूलधन पर कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा, लेकिन इस योजना में निवेश करने वालों को योजना में पैसा लगाने के लगभग दो साल बाद भी बिना ब्याज के ही रुपयों की वापसी की जा रही है।
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योजना में शामिल थे पांच तरह के भूखंड
आवासीय योजना में कुल पांच प्रकार के भूखंडों का एलाटमेंट होना था जिनकी कीमत भी अलग-अलग थी।
भूखंडों का प्रकार संख्या मूल्य पंजीकरण राशि
‘ए’ टाइप 47 12,00,000 1,20,000
‘बी’ टाइप 43 9,72,000 97,200
‘सी’ टाइप 62 7,68,000 76,800
‘डी’ टाइप 17 5,88,000 58,800
‘ई’ टाइप 30 3,60,000 36,000

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही होगी अगली कार्रवाई
यूडीए के अवर अभियंता राजेश सिंह तोमर ने कहा कि जो आवेदक पैसा वापस मांग रहे हैं उन्हें पैसा वापस किया जा रहा है। योजना का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। वाद की सुनवाई के लिए तारीख मिल रही है। वाद लगभग निर्णय के नजदीक पहुंच चुका है। जैसे ही निर्णय आएगा आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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