सदर कोतवाली में शुक्रवार को दोपहर बाद तकरीबन ढाई बजे मोबाइल गुम होने का प्रार्थना पत्र लेकर गए शहर के एक युवक ने जब तक 50 रुपये नहीं दिए तो उसके प्रार्थना पत्र पर मोहर नहीं लगाई गई।
केस 2-
सदर कोतवाली में शुक्रवार दोपहर बाद तकरीबन तीन बजे प्रमाण पत्रों की गुमशुदगी की सूचना देने और प्रार्थना पत्र पर कोतवाली की मोहर लगवाने गए युवक से 50 रुपये वसूले गए।
उन्नाव। जनशिकायतों से दूर भागने वाली पुलिस मुट्टी गरम होने के बाद ही कोई काम करती है। शहर कोतवाली में गुमशुदगी के प्रार्थना पत्रों पर तभी मोहर लग रही है जब कम से कम 50 रुपये पुलिसकर्मी को मिल रहे हैं। रुपये न देने वालों को कानून की लंबी प्रक्रिया समझाकर घर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
आम जन की शिकायत रहती है कि पुलिस कुछ सुनती नहीं। पुलिस सुनवाई तभी करती है जब उसकी मुट्टी गरम की जाती है। ऐसी शिकायतों पर जब शुक्रवार को सदर कोतवाली का हाल देखा गया तो आम जन की शिकायतें सही निकली। कोतवाली में मोबाइल खोने जैसी शिकायतों को लेकर पहुंचने वालों से प्रति तहरीर 50 रुपये की पेशकश की जा रही थी। रुपये मिल गए तो ठीक अगर नहीं मिले तो तहरीर लेकर पहुंचने वालों को कानून की धाराएं सिखाई जा रही थी। किसी भी तहरीर के साथ रुपये न मिलने पर मुंशी तहरीर देने वालों को वापस कर रहे थे। जो भी मुंशी के हाथ में रुपये रख रहा था वह उसकी शिकायत बड़ी ही गंभीरता के साथ सुन रहे थे। साथ उसके निराकरण का आश्वासन भी दे रहे थे। तहरीर के नाम पर वसूली की शिकायत पर सदर कोतवाली प्रभारी राजीव यादव ने बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं है। तहरीर के नाम पर कोई वसूली नहीं हो रही है। जब उनसे कहा गया कि फोटो भी है तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।