औरास/उन्नाव। परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को अर्द्धवार्षिक परीक्षा के लिए इस बार घर से ही कॉपी लानी होगी। शासन परीक्षा के लिए बजट नहीं देता है। जाता। पिछले वर्ष भी अर्द्धवार्षिक परीक्षा के लिए यही व्यवस्था लागू की गई थी।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत शासन सब पढ़ें-सब बढ़ें का नारा दे रहा है, वहीं दूसरी ओर परीक्षाओं के नाम पर सिर्फ खानापूरी की जा रही ह ै। शासन ने शिक्षा विभाग को 25 दिसंबर के पहले परीक्षा कराने का निर्देश दिया है । परीक्षा कराने के लिए दस दिन का समय निर्धारित है। लेकिन परीक्षा के नाम पर बजट जारी नहीं किया गया। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा पांच व आठ की परीक्षाएं बोर्ड के अनुसार कराने का निर्देश है। लेकिन जब अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं ही सही ढंग से संचालित नहीं होंगी तो छात्र-छात्राएं आगे की परीक्षा की तैयारी किस प्रकार करेंगे। पहले इन परीक्षाओं को लेकर बीआरसी केंद्रों पर तैयारी बैठक होती थी। प्रधान टीचरों व एबीआरसी को परीक्षा कराने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाते थे। लेकिन अब ऐसा न होकर परीक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूरी की जा रही हैं। इससे प परीक्षा कराने वाले टीचरों की समस्याएं बढ़ गई हैं। अमर उजाला से बातचीत में टीचरों का दर्द उजागर हुआ। प्राथमिक विद्यालय अदौरा में तैनात टीचर शिव प्रताप सिंह चौहान का कहना है कॉपी व पर्चे के लिए बजट दो साल से नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में परीक्षाएं कैसे कराई जा सकती हैं। छात्र-छात्राएं अपने पास से कॉपी लेकर आएंगे। प्रश्न बोर्ड पर ही लिख दिया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय औरास की टीचर रीना कहती हैं पिछले वर्ष भी बजट नहीं मिला था। छात्रों ने खुद कॉपिया लाकर परीक्षा दी थी। इस बार भी इसी तरीके से परीक्षा कराई जाएगी। प्राथमिक विद्यालय औरास द्वितीय की टीचर वंदना गौतम ने बताया कि पिछले वर्ष की परीक्षा में अपने पास से कॉपियों की व्यवस्था कराई थी। लेकिन इस वर्ष छात्र-छात्राएं खुद कापियां लेकर आएंगे और प्रश्न बोर्ड पर लिखवा दिए जाएंगे। प्राथमिक विद्यालय भुलभुलाखेड़ा के सहायक टीचर विनय कुमार सिंह ने बताया बजट न होने से कापी व पेपर की व्यवस्था नहीं कराई जा सकती। इसलिए छात्र-छात्राएं या तो खुद कापियां लेकर आएं या फिर जिस कापी में पन्ने बच गए हों उन्हीं को अलग कर पेपर दें। परिषदीय विद्यालयों के अर्द्धवार्षिक परीक्षा प्रभारी राजेश त्रिपाठी ने बताया परीक्षाओं को मजाक बनाकर रख दिया है। दो साल से परीक्षा के लिए बजट नहीं भेजा जा रहा है। इस बार भी परीक्षा कराने के निर्देश दे दिए गए लेकिन बजट नहीं भेजा गया। उन्होंने बताया एडीबेसिक के निर्देश हैं प्रधान टीचर 10 दिन के अंदर परीक्षा कराएं।