उन्नाव। एआरटीओ के रिकार्ड रूम में दलालों का कब्जा है। उनकी हिम्मत का अंदाज इससे लगाया जा सकता है कि वे रिकार्ड रूम में घुसकर खुद अपनी जरूरत की फाइलें निकाल ले जाते हैं। इस दौरान आपाधापी से अक्सर फाइलें गुम हो जाने के बाद परेशान आवेदक कार्यालय के चक्कर लगाते रहते हैं।
एआरटीओ कार्यालय में दलाल बाबुओं के केबिन में अंदर तो बैठे ही रहते हैं साथ ही रिकार्ड रूम में घुसपैठ करते हैं। अपनी फाइलों को ढूढ़ने के लिए दलल नियम कानून दर किनार कर देते हैं। दलाल रिकार्ड रूम में जबरन घुसकर अपनी फाइलें ढूंढ़ते हैं। यदि वहां तैनात कर्मचारी मना करते हैं तो उसे देख लेने की धमकी तक देते हैं। सूत्रों की माने तो कमीशन तय होने से बाबू काम करने के साथ दलालों की रिकार्ड रूम में आवाजाही पर एतराज भी नहीं जताते हैं। बुधवार सुबह 11.30 बजे दलाल रिकार्ड रूम में घुसकर अपनी फाइलें ढूढ़ रहा था। एआरटीओ में मंडराने वाले दलाल या तो सत्तापक्ष के नेता से जुड़े हैं या फिर कार्यालय कर्मचारियों से उनके संबंध हैं। एआरटीओ संजय कुमार झा ने बताया वह हालात में सुधार का प्रयास करते हैं लेकिन सत्ता पक्ष के दबाव में कार्य नहीं हो पाते। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।