डौंडिया खेड़ा (उन्नाव)। एएसआई की तैयारी को देखकर लगा रहा है कि राव राम बक्स सिंह का किला अब ऐतिहासिक धरोहर बन जाएगा। यदि ऐसा हुआ तो किला पर्यटन स्थल बनेगा और पर्यटकों के आने से यहां के लोगों का जीवन स्तर सुधर जाएगा।
प्रदेश सरकार ने पहले ही किले को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा कर दी है। हालांकि प्रदेश सरकार के इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का नजरिया इसके किले के ऊपर विकास करने से है। यहां राव राम बक्स सिंह की मूर्ति लगाने के साथ ही उनकी बहादुरी की गाथा आदि का उल्लेख करते हुए इमारत का निर्माण होगा। अब किले का खाका फिर से खींचा जाने लगा है।
एएसआई की टीम ने सोमवार व मंगलवार को किले के चारो तरफ का नक्शा बनाया। इससे पहले जीएसआई की रिपोर्ट के बाद सिर्फ उस जगह का नक्शा बनाया गया था जहां जमीन में धातु होने की संभावना जताई गई थी। वर्तमान में नक्शा बनाने के लिए टीम ने 10 अतिरिक्त मजदूरों को साथ रखा है, ताकि इस दौरान कोई पेड़ या कुछ अन्य वस्तु सामने आए तो उसे हटाकर मार्किंग की जा सके। माना जा रहा है कि नक्शा बनने के बाद एएसआई पूरे किले परिसर की खुदाई कर जो भी चीजें मिलेंगी उसे संरक्षित करेगी। अंग्रेजों के तोप के गोले से बची खड़ी दीवारों और अन्य सामानों को साफ कर लोगों को देखने के लिए छोड़ा जाए ताकि लोग पुराने समय की सभ्यता, संस्कृति से परिचित हो सकें।
होगा विकास
किला यदि ऐतिहासिक धरोहर बनेगा तो आसपास का काफी विकास होगा। प्रदेश सरकार के 3.50 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार से बाद में मिलने वाले रुपयों से डौंडिया खेड़ा की तकदीर ही बदल जाएगी। पर्यटन स्थल बनने के बाद सड़कों से लेकर बिजली और ठहरने की व्यवस्था का भी प्रबंध हो जाएगा। कुछ ही दूरी पर चंडिका देवी का मंदिर होने के कारण इस स्थान पर आने वालों की संख्या में खुद ब खुद इजाफा होगा।