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शहर में डकैतों का तांडव

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रिटायर्ड फौजी के घर व मंदिर में डकैती
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उन्नाव। शहर के मोहल्ला साईं पुरम (जुराखन खेड़ा) निवासी पूर्व सैनिक पवन भान यादव के घर में छह नकाबपोश डकैतों ने धावा बोला। डकैतों ने घर के बरामदे में सो रहे पवन भान (45) और उनकी पत्नी सुषमा यादव (40) के सिर व सीने पर लोहे की रॉड से ताबरतोड़ कई वार कर मरणासन्न कर दिया। दंपति के बेहोश होने के बाद बदमाश घर के भीतर दाखिल हुए और कमरे में सो रहे उनके तीन बेटे दीपक उर्फ दीपू यादव (21), विजय यादव (20) और अजय यादव (18) पर सोते समय ही हमला कर दिया। तीनों बेटों को मरणासन्न करने के बाद बदमाशों ने लोहे की अलमारी और बक्सा तोड़कर उसमें मकान बनवाने के लिए रखे 1.25 लाख रुपये और करीब तीन लाख के जेवर व अन्य कीमती सामान ले गए। काफी देर बाद होश आने पर अजय की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मनोज कुमार मौके पर पहुंचा और पुलिस कंट्रोलरूम और एंबुलेंस के लिए हेल्पलाइन के 108 नंबर पर फोन किया। सूचना पर एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंच गई। लेकिन पुलिस बल के न पहुंचने से एंबुलेंस चालक वहीं मौके पर खड़ा इंतजार करता रहा। करीब एक घंटे बाद एक्शन मोबाइल के दो जवान मौके पर पहुंचे। करीब पौने तीन बजे सभी घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद सिविल लाइन चौकी इंचार्ज हमराही के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों से घटना की जानकारी ली। गंभीर रूप से घायल विजय यादव ने बताया कि हमला करने वाले डकैतों की संख्या छह से अधिक थी। सभी ने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। विजय के मुताबिक घर में निर्माण कार्य चल रहा है। इसके लिए अलमारी में 1.25 लाख रुपये और बक्से में जेवरात व अन्य कीमती समान रखा था। उसके मुताबिक डकैत सारा माल समेट ले गए। सभी घायलों को शनिवार दोपहर कानपुर रेफर कर दिया गया। सभी की हालत नाजुक बनी हुई है।

वाह री पुलिस: डकैती को बना दिया लूट
उन्नाव। आईपीसी की धाराओं में उलटफेर कर घटनाओं को हलका करने माहिर पुलिस ने एकबार फिर अपनी महारत दिखाई और डकैती की घटनाओं को लूट में दर्ज किया है। पुलिस ने डकैतों की संख्या 7 के बजाए 4 दिखा दी और डकैती लूट में तब्दील हो गई। कोतवाली प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि मंदिर के मुख्य पुजारी श्रीराम और फौजी के बेटे अजय की तहरीर पर लूट की रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि वह रिपोर्ट दर्ज करने में पीछे नहीं हटते। जो घटना होती है वही दर्ज करते हैं। बताया कि मंदिर के पुजारी तो रिपोर्ट दर्ज कराने ही नहीं आ रहे थे। काफी कहने पर तहरीर दी गई तब रिपोर्ट दर्ज हुई।
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भारी पड़ी पुलिस की सुस्ती
घटना की सूचना के बाद भी कोतवाली पुलिस सक्रिय नहीं हुई। सुबह करीब 8.30 बजे एसपी सोनिया सिंह, सीओ सिटी आईपीएस नेहा पांडेय और स्वाट टीम प्रभारी अंजुल चतुर्वेदी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस लाइन से पहुंची फील्ड यूनिट ने फिंगर प्रिंट लिए।

लखनऊ में सिक्योरिटी गार्ड है पूर्व सैनिक
उन्नाव। डकैतों के हमले से घायल विजय यादव ने बताया कि उसके पिता पवन भान यादव सेना की चिकित्सा कोर में सिपाही थे। वह पांच साल पहले रिटायर हुए थे। उसके बाबा स्व. मथुरा प्रसाद ने भी सेना में रहकर देश की सेवा की। पिता लखनऊ में इंडियन ऑयल कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड हैं जबकि बड़े भाई दीपक उर्फ दीपू की मोबाइल की दुकान है। मूल रूप से सरोसी गांव निवासी पवन ने सात साल पहले यहां प्लाट लिया था। एक कमरा और बरामदा पहले से बना था उसी में रह रहे थे। उसने बताया कि करीब पच्चीस दिन पहले मकान का निर्माण शुरू कराया था।

मातहतों ने एसपी को दिखाया ठेंगा
उन्नाव। नवरात्र का त्योहार, बाजारों में भीड़ और देर रात तक चलने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस को सक्रिय करने की कमान एसपी सोनिया सिंह खुद अपने हाथ में ले रखी है। वह लगातार कई दिनों से पुलिस थानों का औचक निरीक्षण कर रही हैं और बिना सूचना दिए शहर में घूमकर पुलिसिंग व्यवस्था की हकीकत परख रही हैं। दो दिन पूर्व उन्होंने ओवर ब्रिज से कोतवाली तक पिकेट ड्यूटी सक्रिय न होने को लेकर कोतवाली प्रभारी की क्लास ली थी और सख्त हिदायत भी दी थी, लेकिन एसपी की तमाम कोशिशों के बाद भी पुलिस सक्रिय नहीं हो पाई।

रैकी में शामिल हो सकते हैं मजदूर
उन्नाव। रिटायर्ड फौजी के घर पड़ी डकैती में उनके यहां मकान बनाने के काम में लगे मजदूरों की भूमिका भी संदिग्ध है। पुलिस पीड़ित परिवार से मजदूरों की जानकारी कर उनसे पूछताछ करेगी। पुलिस को आशंका है कि मजदूर डकैतों की मदद में शामिल हो सकते हैं।

पेशेवर डकैतों ने की वारदात!
उन्नाव। डकैती डालने वाले पेशेवर लोग हैं। इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि जेवर और नगदी लूटने वाले डकैतों ने किसी के भी मोबाइल को हाथ नहीं लगाया।
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मंदिर में 50 हजार की डकैती
पुजारी व उनके तीन शिष्यों पर हमला
उन्नाव। शहर के मोहल्ला शेखपुर में शराब मिल के पीछे स्थित नर्सिंग बाबा मंदिर में डकैतों ने रात करीब 12 बजे धावा बोला। मंदिर के गेट की कुंडी तोड़कर भीतर घुसे डकैतों ने बरामदे में सो रहे ईदगाह पत्थर कालोनी निवासी मंदिर के बुजुर्ग सेवक अंगद (65), सुल्तान खेड़ा निवासी श्रीकेसन (55) पुत्र किशोर और प्रतापगढ़ जिले के थाना संग्रामगढ़ के गांव लालूपट्टी निवासी झब्बर (46) पुत्र राजपति पर लोहे की सरिया व रॉड से हमला कर लहूलुहान कर दिया। डकैतों के हमले से झब्बर का हाथ, श्रीकेसन का पैर टूट गया है जबकि अंगद की आंख फूटते बची। सेवकों को मरणासन्न करने के बाद डकैतों ने चैनल और गेट की कुंडी तोड़कर मंदिर के भीतर गए। यहां सो रहे मंदिर के मुख्य पुजारी श्रीराम उर्फ नान्हूबाबा (80) पर सरिया से हमला कर दिया। सभी को घायल करने के बाद डकैत मंदिर में रखा दानपात्र और मुख्य पुजारी का बक्सा तोड़कर नगदी व चढ़ावे में मिला अन्य कीमती सामान ले गए। पुजारी के मुताबिक डकैत नगदी व सामान सहित करीब 50,000 रुपये का माल ले गए है। जाते समय डकैतों ने मंदिर के जीने में लगा लोहे का दरवाजा बाहर बंद कर छत के रास्ते भाग निकले।
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