उन्नाव। सिपाही को पीटने और गाड़ी से धक्का देकर घायल करने वाले पशु तस्करों तक पहुंचने में नाकाम असोहा थाना पुलिस ने लखनऊ में हुई पशु चोरों की गिरफ्तारी में अपनी भी पीठ थपथपा रही है। असोहा थानाध्यक्ष का दावा है कि वह पशु चोरों की गाड़ी का पीछा कर रहे थे। चोरों की डीसीएम लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र के समेसी गांव में पलट गई। ग्रामीणों ने छह चोरों को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। दावा है कि पकड़े गए चोरों ने ही 28 जून को सिपाही सुनील वर्मा को पीटकर गाड़ी से धक्का दिया था। दावा है कि सिपाही ने चोरों और गाड़ी को पहचान लिया है।
बीती 28 जून की रात असोहा थाना क्षेत्र से मवेशी चोरी कर भाग रहे चोरों का तत्कालीन थानाध्यक्ष ने पीछा किया। रात करीब दो बजे मौरावां-मोहन लालगंज मार्ग पर डीसीएम को पारा मोड़ के पास रोक लिया। थानाध्यक्ष ने हमराही सिपाही सुनील कुमार वर्मा पुत्र मलिक राव निवासी रानीपुर थाना सलवन जिला अमेठी को डीसीएम में बैठा दिया और चालक को डीसीएम थाने लेकर आने को कहा। थानाध्यक्ष जीप से आगे चले गए। कुछ दूर चलने के बाद डीसीएम सवार बदमाशों ने सिपाही सुनील कुमार को पीटा और गाड़ी से धक्का देकर नीचे गिराकर भाग निकले थे। पशु तस्करों ने तीन जानवरों को भी चलती गाड़ी से गिरा दिया था। डीसीएम को पीछे न आते देख एसओ ने जीप घुमाई तो सिपाही को लहूलुहान में सड़क पर पड़े देखा। इसके बाद काफी प्रयास के बाद भी वह भाग रहे पशु चोरों को पकड़ नहीं पाए थे। लापरवाही बरतने पर एसपी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष दिवाकर प्रसाद सरोज को लाइन हाजिर कर दिया था। इसके बाद से घटना में शामिल पशु चोरों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही पुलिस को इसमें सफलता नहीं मिल पाई। शनिवार रात लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र के समेसी गांव में ग्रामीणों ने पशु चोरी कर भाग रहे लखनऊ के मलिहाबाद के बंजारन खेड़ा निवासी सुक्खा उर्फ राजू, अब्दुल पुत्र मोहम्मद, आदमपुर बदायूं निवासी वसीम पुत्र खलील, हरदोई के मुबारकपुर निवासी सद्दीक पुत्र कल्लू और वारिस पुत्र कल्लू को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। घटना में असोहा थाना पुलिस ने अपनी भी पीठ थपथपा रही है। असोहा थानाध्यक्ष श्रीकांत द्विवेदी के मुताबिक रात को संदेह होने पर वह फोर्स के साथ गाड़ी का पीछा कर रहे थे। पुलिस की गाड़ी को पीछे आते देख चोर भाग निकले। उन्होंने बताया चोरों की डीसीएम लखनऊ के समेसी गांव में पलट गई और ग्रामीणों ने चोरों को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए चोरों और उनकी गाड़ी को पूर्व में घायल हुए सिपाही सुनील वर्मा ने पहचान लिया है।
गले नहीं उतर रही पुलिस की कहानी
उन्नाव। असोहा थानाध्यक्ष ने घटना को लेकर जो कहानी बताई गले नहीं उतर रही। थानाध्यक्ष के मुताबिक वह चोरों की गाड़ी का पीछा कर रहे थे तभी चोर लखनऊ की ओर भाग निकले और नगराम थाना क्षेत्र के समेसी गांव में सुशील पुत्र रमेश की भैंस चोरी करने लगे। बड़ा सवाल यह है कि पुलिस की जीप पीछे थी तो चोर रुकने और भैंस चोरी करने की हिम्मत कैसे जुटा पाए। कई बार पूछने पर उन्होंने बताया कि भैंस चोरी करके भागते समय ग्रामीणों ने पीछा किया तो चोरों की डीसीएम नाले में फंसकर पलट गई। तभी ग्रामीणों ने चोरों को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया।