उन्नाव। चेतावनी बिंदु पार कर गंगा खतरे के निशान की तरफ बढ़ गई है। जिस तेजी के साथ पानी बढ़ रहा है, उससे सोमवार तक खतरे का निशान पार करने की संभावना जताई जा रही है। संभावित बाढ़ की आशंका से कटरी के लोगाें की नींद उड़ गई है।
शुक्रवार को जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार करते हुए 112.070 मीटर पर पहुंच गया था। शनिवार को इसमें और इजाफा हो गया। 4 से 5 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहे पानी से शनिवार को जलस्तर 112.190 मीटर पर पहुंच गया। जानकारों के अनुसार, जिस तेजी के साथ पानी बढ़ रहा है, उससे सोमवार तक खतरे का निशान छू लेने की आशंका जताई जा रही है। हर दिन बढ़ रहे जलस्तर से कटरी क्षेत्र के दर्जनों गांव चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। इन गांवों के लोगों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। गांवों को जाने वाले कच्चे संपर्क मार्ग भी कट गए हैं। पानी भर जाने से क्षेत्रों में नाव चलने लगी है। गांव से बाहर आने-जाने के लिए ग्रामीण नावों का सहारा ले रहे हैं।
19 जून को नरौरा से 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जिले में भी गंगा का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ा था लेकिन बीच में जलस्तर घटा था। इससे पलायन कर चुके ग्रामीण वापस घरों को लौट आए थे। इधर, गुरुवार से फिर पानी बढ़ने से ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गईं। रोजाना 4 से 5 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहे जलस्तर से दुबारा कटरी क्षेत्र के गांवों में नजदीक पानी पहुंच गया है। परियर के पनपथा, गंगादीनखेड़ा, मानाबंगला, देवीदीनपुरवा, बंदनपुरवा, फतेहपुर चौरासी के बंगला हिंदूपुर, शहरिया बंगला, कुसेहर बंगला और बांगरमऊ ब्लॉक में कटरी गदनपुर, आहार, अहिरन पुरवा, गंजमुरादाबाद ब्लॉक में भिखारीपुर पतासिया, सिरधरपुर, आलमऊ सराय, दानापुर, सफीपुर ब्लॉक में अल्लीपुर, शेरपुर, रायपुर व बीघापुर के बक्सर, पाटन के कई गांव चारों तरफ पानी से घिर गए हैं। ऐसे में अब ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्राइवेट नावें भी चलने लगी हैं। इसके अलावा पानी भर जाने से कच्चे संपर्क मार्ग भी मुख्य मार्गों से कट से गए हैं।