उन्नाव। आधुनिक तकनीकि का इस्तेमाल कर जिले के लोगों को स्वच्छ पानी दिलाने की सरकारी योजना घोषणा कागज और बैठकों तक ही सीमित होती नजर आ रही है। साफ पानी की खोज के लिए ग्रामीण क्षेत्रों मेें ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) आधारित मैपिंग और गुणवत्ता कार्यक्रम की दो महीने पहले शुरुआत की गई थी। इस योजना को ग्राम प्रधान और खंड विकास अधिकारियों के सहयोग से चलाया जाना था लेकिन अभी तक ग्राम प्रधानों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई है।
फ्लोराइड और अन्य अशुद्धियों से जूझ रहे ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकोें को शुद्ध और कीटाणु रहित पानी उपलब्ध कराने के लिए जल स्रोतों का डेटा बेस तैयार करने की योजना दो महीने पूर्व शुरू की गई थी। इस योजना के तहत ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीए) के जरिए जिले के शुद्ध और अशुद्ध जल स्रोतों के आंकड़े इकट्ठा किए जाते। इसके लिए ग्राम प्रधानों को एक किट और ट्रेनिंग दिलाई जानी थी। इस किट के जरिए ग्राम प्रधान अपने क्षेत्र के जल स्रोतों के आंकड़े और मानचित्र इकट्ठा करने में मदद करते। जीपीएस प्रणाली आधारित ग्राम स्तरीय मानचित्र तैयार कर इन आंकड़ों को जिला प्रशासन द्वारा जन सामान्य के लिए वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया जाना है । वेबसाइट पर नागरिक अपने क्षेत्र के पानी के स्रोतों की स्थिति और फील्ड टेस्ट किट द्वारा की गई जांच और गुणवत्ता की जानकारी हासिल कर सकता था। इसके अलावा इस योजना का उद्देश्य जिले मेें स्थित पानी के सभी सार्वजनिक स्रोतों की सही संख्या का सत्यापन करना और कार्यशील और खराब पड़ी हुई योजनाओें की सही जानकारी हासिल करना भी था। दो महीने पूर्व इस योजना की घोषणा के समय जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिला विकास अधिकारी की मौजूूदगी मेें विशेषज्ञ संस्था के अलावा उ.प्र. जल निगम और बीडीओ की बैठक हुई थी। जल निगम और जिला विकास अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक उस बैठक के बाद से अभी तक किसी भी ग्राम प्रधान को न तो कोई टेस्ट किट ही बांटी गई है और न ही उन्हें ट्रेनिंग दी गई है। यह जरूर है कि विशेषज्ञ संस्था और कुछ खंड विकास अधिकारियों की एक आध बैठकें आयोजित की गई। कुल मिलाकर इस मामले में अभी तक जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मुख्य विकास अधिकारी हेमंत कुमार द्विवेदी ने बताया कि संबंधित संस्थाओं और खंड विकास अधिकारियों को योजना को जल्द से जल्द अमली जामा पहनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। जल्द ही बैठक कर उनकी प्रगति की समीक्षा की जाएगी।