उन्नाव। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कालेजों में बोर्ड परीक्षा के प्रवेश पत्रों के नाम पर मची लूट पर शिक्षा विभाग अब जागा है। अमर उजाला में लगातार खबरों के प्रकाशन के बाद विभाग ने सभी प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर कहा है कि यदि वसूली की शिकायत मिली तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आरोप है कि लगभग सभी प्राइवेट कालेजों में प्रबंध तंत्र की मिलीभगत से प्रधानाचार्य बच्चों से प्रवेश पत्र के नाम पर 100-500 रुपए ले रहे हैं। ऐसे विद्यालयों को जिला विद्यालय निरीक्षक ने निर्देश दिया है कि किसी भी परीक्षार्थी से कोई शुल्क वसूली नहीं की जाएगी। फिर भी ऐसा कार्य होता है तो पूर्ण दायित्व प्रधानाचार्य का होगा।
इस संबंध में अमर उजाला ने लगातार खबरें छापी हैं। जिलाधिकारी ने पहले ही वसूली न करने के आदेश दिए थे। उसके बाद भी कालेज के प्रधानाचार्य मनमानी कर रहे थे। सोमवार को डीआईओएस डॉ ओम प्रकाश गुप्ता ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि यदि कोई प्रधानाचार्य वसूली में लिप्त पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।