उन्नाव। शिक्षिका से दुष्कर्म के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी स्कूल प्रबंधक और उसके बेटे की गिरफ्तारी नहीं होने पर सोमवार को शिक्षिका के नाराज परिजनों और साथियों ने नगर पालिका के सामने जाम लगा दिया। नाराज भीड़ ने ट्रैफिक बूथ को गिराकर तोड़ने की कोशिश की। सीढ़ी आदि लगाकर रास्ता बंद कर देने से दोनों वाहनों की कतार लग गई। जाम की सूचना पर पहुंचे सीओ सिटी ने देर शाम तक आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तब उत्तेजित लोगों ने जाम खोला। जाम खुलने के काफी देर बाद यातायात सामान्य हो पाया।
गंगाघाट थानाक्षेत्र के एक स्कूल के प्रबंधक पुरुषोत्तम शुक्ला व उसके पुत्र मयंक शुक्ला ने 14 फरवरी को महिला कर्मचारी की मिलीभगत से विद्यालय की एक शिक्षिका से अश्लील हरकतें की थी। जिसकी शिकायत शिक्षिका ने परिजनों से की थी। परिजनों ने 15 फरवरी को गंगाघाट थाने में स्कूल प्रबंधक , उसके पुत्र व महिला कर्मचारी के खिलाफ कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। इससे नाराज परिजनों व एक सैकड़ा से अधिक साथियों ने सोमवार क सुबह नगर पालिका गेट के सामने जाम लगा दिया। सड़क के बीचों बीच सीढ़ी और ट्रैफिक बूथ को गिराकर रास्ता बंद कर दिया। जिससे घंटाें जाम लगा रहा। उससे भी काम न चला तो सड़क पर बैठ गए। सूचना पर पहुंचे कोतवाल कृपा शंकर सरोज ने उग्र भीड़ को समझाने की कोशिश की लेकिन वे लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। सूचना पर सीओ सिटी पीयूष रंजन श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। इसी बीच नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष पंकज गुप्ता भी पहुंच गए। प्रदर्शनकारी पुलिस विरोधी नारे लगाते रहे। अधिकारियों ने धरना प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे पंकज गुप्ता व अन्य सभासदों से बात कर सोमवार रात तक आरोपियों की गिरफ्तार का आश्वासन देकर शांत कराया। गंगाघाट थानाध्यक्ष अनूप सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिशें दी जा रही हैं। जल्द ही आरोपी पुलिस की हिरासत में होंगे।
कंधे पर लेकर जाना पड़ा सिलेंडर
उन्नाव। सुबह 10 बजे से लगा जाम लगभग डेढ़ घंटे चला। जाम लगने से हालात ये रहे कि रिक्शा नहीं निकलने से महिलाओं को गैस सिलेंडर कंधे पर लादकर ले जाना पड़ा। जिससे परेशानी हुईं। वहीं चौपहिया व दो पहिया चालक दूसरे रास्ते से अपनी मंजिल तक पहुंचे।