उन्नाव। खसरे से होने वाली मौतों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाने जा रहा है। यह अभियान मार्च महीने की 11 तारीख से प्रारंभ होगा।
खसरे की बीमारी नौ महीने से दस वर्ष से तक किसी भी बच्चे में हो सकती है। इस बीमारी का प्रकोप दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है। इससे मृत्यु दर भी बढ़ रही है। इसको कम करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को पूरा करने के लिए सरकार की ओर से 21 दिन का समय दिया गया है। इसमें एक हफ्ता यह टीम विकास खंडों में संचालित स्कूलों में कार्य करेगी। बचे दो हफ्तों में फील्ड पर जाकर पीड़ित लोगों को डोज देगी। इस कार्य में आधा दर्जन से अधिक टीमें बनाई गई हैं। इन टीमाें को स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक गाड़ी तथा प्रति व्यक्ति 75 रुपए खर्च दिया जाएगा। जिले में इस रोग के 5 लाख 30 हजार बच्चे चिन्हित किए गए हैं। इन बच्चों को खसरे का टीका लगाया जाएगा।
इस कार्यक्रम में किसी प्रकार की रुकावट न आए इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी ने एक हफ्ते पूर्व निर्धारित टीमों के सदस्यों की एक कार्यशाला भी आयोजित की थी। जिसमें यह बताया गया था कि किस प्रकार से मरीजों को दवा का डोज देना है।
इस कार्यक्रम को देख रहे मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के डा. आर बी गौतम ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए पर्याप्त डोज लखनऊ से मंगवा लिए गए हैं। इस अभियान के बाद से हम लोग खसरे से होने वाली मौतों पर काबू पा सकेंगे।