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Unnao News: दो घंटे में हाईवे से निकले 92 खनिज वाहन, 38 ओवरलोड, 19 से नंबर प्लेट ही गायब

Wed, 25 Jun 2025 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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उन्नाव। जिले में ओवरलोडिंग का खेल खुलेआम चल रहा है। सिंडीकेट की सेटिंग इतनी तगड़ी है कि जिम्मेदार भी कार्रवाई से बचते हैं। रोजाना मौरंग, गिट्टी, बालू आदि खनिज लदे औसतन 10,000 ट्रक, डंपर जिले से निकलते हैं। मंगलवार सुबह हाईवे से दो घंटे में खनिज लदे 92 वाहन निकले। इनमें 38 ओवरलोड और 19 की नंबर प्लेट ही गायब थी। कुछ की नंबर प्लेट पर मिट्टी और कालिख लगी थी।
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हाईवे और शुक्लागंज के बीच आजाद मार्ग व बैराज मार्ग पर रोजाना सुबह अवैध खनिज मंडी लगती है। इससे घंटों जाम भी लगता है। हाईवे हों या अन्य मार्ग ओवरलोड वाहन दिन-रात फर्राटा भरते नजर आते हैं। हैरानी की बात यह है कि ऊपर तक खनिज लदे वाहनों में अधिकांश में या तो नंबर प्लेट नहीं होती या नंबर छिपे होते हैं। एआरटीओ प्रवर्तन का दावा है कि ओवरलोड वाहनों को पकड़ने के लिए नियमित चेकिंग की जाती है लेकिन उन्हें नियमों से खिलवाड़ करने वाले यह वाहन नजर नहीं आते।
मंगलवार सुबह नौ बजे से 11 बजे तक जब पड़ताल की गई तो इन दो घंटों में खनिज लदे कुल 92 भारी वाहन हाईवे से निकले। इनमें डंपर, ट्रक, ट्रॉला शामिल थे। इनमें 38 वाहन गिट्टी, मौरंग से ओवरलोड नजर आए। वहीं, 19 वाहनों में नंबर प्लेट नहीं दिखी। कार्रवाई से बचने के लिए कुछ वाहनों में नंबर प्लेट पर कपड़ा पड़ा था या फिर मिट्टी या कालिख लगी थी। बगैर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले कई वाहनों में तो रजिस्ट्रेशन नंबर ही खुरच कर मिटाए दिए गए थे।
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जाम की वजह बनती अवैध खनिज मंडी
लखनऊ-कानपुर हाईवे और शुक्लागंज के मरहला चौराहा के बीच रोज सुबह लगने वाली खनिज मंडी घंटों जाम का कारण बनती है। शुक्लागंज-गंगा बैराज मार्ग पर सरैयां गांव के पास रेलवे क्रॉसिंग पर पुल का निर्माण होने से 15 अप्रैल से 14 अगस्त तक के लिए सरैयां क्रॉसिंग मार्ग बंद कर दिया गया है। इससे शुक्लागंज और आजाद मार्ग पर यातायात का दबाव रहता है। खनिज बिक्री के लिए सड़क पर कतार में खड़े भारी वाहन सुबह छह से 10 बजे तक दूसरे वाहनों के मुश्किलें पैदा करते हैं।
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खनिज विभाग के एआई कैमरों को भी चकमा दे रहे

ओवरलोड वाहनों की निगरानी के लिए खनन विभाग ने हाईवे पर एआई तकनीक के कैमरे लगाए हैं। यह कैमरे ट्रक और उसमें लदे माल की फोटो, वीडियो कमांड सेंटर भेज देते हैं। इसके बाद समीक्षा करके वाहन नंबर के आधार पर गाड़ी मालिक के खिलाफ जुर्माना व अन्य कार्रवाई होती है। लेकिन जिन वाहनों के नंबर मिटे या छिपे होते हैं एआई कैमरे उनका ब्योरा नहीं दे पाते।
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खनन विभाग की कार्रवाई
अवैध खनिज परिवहन के मामले पकड़े- 1708
क्षतिपूर्ति वसूली गई- 8.59 करोड़ रुपये


ओवरलोड वाहनों की चेकिंग करना परिवहन विभाग का काम : खान अधिकारी


ओवरलोड वाहनों की चेकिंग खनन विभाग का नहीं परिवहन विभाग का काम है। खनन विभाग तो केवल यह चेक करता है कि जितना माल वाहन में लदा है उतने के प्रपत्र हैं या नहीं। अगर प्रपत्र से ज्यादा या बिना बिलटी प्रपत्र के ही खनिज ले जाया जा रहा है तो वाहन को सीज कर जुर्माना वसूला जाता है। वाहन नंबर छिपाकर वाहन एआई कैमरों को भी चकमा देते हैं, इसलिए रात को सड़क पर उतर कर एक-एक वाहन को चेक किया जाता है।
केबी सिंह, खान अधिकारी
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खनिज वाहनों की नियमित होती चेकिंग : एआरटीओ प्रवर्तन
ओवरलोड माल लेकर चलने वाले खनिज वाहनों की चेकिंग की जाती है। हाईवे हो या एक्सप्रेसवे सभी पर नियमित चेकिंग चल रही है। ओवरलोडिंग रोकने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई भी की जाएगी।
- संजीव कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन

ज्यादातर ओवरलोड वाहन उन्नाव-पुरवा और अजगैन-मोहान मार्ग से लखनऊ निकल जाते हैं। टोल प्लाजा पर कैमरों से नजर रखी जाती है, जो वाहन ओवरलोड मिलते हैं उनसे दोगुना टोल टैक्स लिया जाता है। जैसे एक ट्रक का सामान्य टोल टैक्स 520 रुपये है तो ओवरलोड होने पर 1040 रुपये टोल टैक्स लिया जाता है।
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- एएस चौहान, टोल प्लाजा मैनेजर
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