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औषधि निरीक्षक का जिला जेल के दवा स्टोर में छापा

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जिला जेल के दवा स्टोर में छापा
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उन्नाव। औषधि निरीक्षक ने शुक्रवार को जिला जेल अस्पताल के दवा स्टोर में छापा मारा। इस दौरान संदिग्ध चार दवाओं के सैंपल लिए गए। इन्हें प्रयोगशाला भेजा गया है। जेल स्टोर में पहली बार हुई छापेमारी से अफरातफरी का माहौल रहा। अन्य दवाओं की गहनता से जांच पड़ताल के बाद अभिलेख भी देखे गए।


ड्रग इंस्पेक्टर अजय कुमार संतोषी ने जिला जेल अस्पताल के दवा स्टोर में औचक छापेमारी की। पहली बार हुई छापेमारी से हड़कंप मच गया। उन्होंने अस्पताल में जेल के मरीजों को दी जाने वाली दवाओं का रखरखाव देखा। दवा स्टोर में जांच पड़ताल की। दवाओं पर मैन्यूफैक्चरिंग व एक्सपायरी डेट देखी। इस दौरान चार दवाएं संदिग्ध दिखीं। इनका सैंपल लिया गया।
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जिन दवाओं का नमूना लिया गया, उनमें पैरासिटामॉल सिरप व टेबलेट्स, आयरन सिरप और आईब्रोफिन टेबलेट्स शामिल हैं। औषधि निरीक्षक अजय कुमार संतोषी ने बताया कि दवाआें को जांच के लिए लखनऊ स्थित राजकीय जनविश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। सैंपल फेल होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहली बार जिला जेल अस्पताल के दवा स्टोर में छापेमारी की गई है।
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कैशमेमो न देने पर कैंसिल होगा लाइसेंस
बिना कैशमेमो के दवा बेचने वाले फुटकर व थोक विक्रेताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। ड्रग इंस्पेक्टर अजय कुमार संतोषी ने बताया कि जो भी दवा विक्रेता बिना कैशमेमो के दवा बेचते पाया जाएगा, उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने दवा विक्रेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि छोटी से छोटी दवाओं की बिक्री का भी कैशमेमो ग्राहक को जरूर दें। उन्होंने कहा कि दवा विक्रेता कैशमेमो देने से इनकार करता है तो उसकी शिकायत करें। कार्रवाई की जाएगी।


- औषधि निरीक्षक ने चार दवाओं के लिए नमूने, पहली बार जेल स्टोर में हुई छापेमारी
अमर उजाला ब्यूरो
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