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हरियाणा से लौटे 9 मजदूरों को रोजगार की ‘सौगात’

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शहर के हाइवे स्थित एक गार्डेन में 9 दिनों से क्वारंटीन रहे मजदूरों को रोजगार प्रमाणपत्र व राशन दे? - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। हरियाणा से वापस लौटे मजदूरों को जिला प्रशासन ने जनपद में रोजगार की सौगात दी है। यह मजदूर शहर के हाईवे स्थित एक गार्डेन में पिछले 9 दिनों से क्वारंटीन थे। समयावधि पूरी होने के बाद प्रशासन ने एक फैक्टरी में मजदूरों को रोजगार दिलाते हुए प्रमाणपत्र दिया। जिससे उनके चेहरे खिल उठे। इसके अलावा मजदूरों को 15 दिन का खाद्यान्न भी दिया गया है।
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27 अप्रैल को हरियाणा में रहकर कामधंधा करने वाले 20 मजदूरों को शहर के हाईवे स्थित एक गार्डेन (गेस्ट हाउस) में क्वारंटीन कराया गया था। जिला प्रशासन ने सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल की अध्यक्षता में एक चार सदस्यीय कमेटी गठित करके इन मजदूरों के हुनर की पड़ताल कराने के आदेश दिए थे। सिटी मजिस्ट्रेट ने पड़ताल कराई तो इनमें से काफी संख्या में मजदूर पैकेजिंग के काम में दक्ष मिले। इसके बाद प्रशासन ने दहीचौकी व बंथर में संचालित फैक्टरियों से संपर्क करके रोजगार के बारे में जानकारी की। इसमें मे. ओमेगा इंटरनेशनल ने पैकेजिंग के संबंध में श्रमिकों की आवश्यकता बताई। हालांकि प्रशासन ने इन मजदूरों में उनके निवास पते की जानकारी की। जिसमें से 9 मजदूर ऐसे मिले जिनका घर फैक्टरी के नजदीक था।
बुधवार को जब स्वास्थ्य विभाग ने इन मजदूरों को जब घर भेजने की हरी झंडी दे दी तो डीएम रवींद्र कुमार व एसपी विक्रांतवीर गेस्ट हाउस पहुंचे। उन्होंने क्वारंटीन अवधि पूर्ण कर चुके श्रमिकों में रामस्वरूप, सरवन, पंकज, लवकुश, विनोद पाल, रोहित, सोनू, विशाल व सरवन को फैक्टरी में काम करने के लिए रोजगार प्रमाणपत्र सौंपे। साथ ही 15 दिवसों का राशन उपलब्ध कराते हुए उनके घरों को रवाना किया। सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने बताया कि अभी यह सभी एक सप्ताह तक घरों में ही रहेंगे। उसके बाद नौकरी पर जाएंगे। बताया कि अन्य मजदूरों को भी उनके हुनर के अनुसार मूल निवास के नजदीक की फैक्टरियों में रोजगार दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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डीएम ने कहा कि जिले में देश के विभिन्न प्रांतों से श्रमिकों का आगमन जारी है। इन सभी को जिले में बनाए गए अस्थायी शेल्टरहोम में क्वारंटीन अवधि पूरी करनी होगी। कहा कि श्रमिकों का पुनर्वास स्थानीय स्तर पर कराया जाना जरूरी है। इसी कारण नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में उद्योग श्रम व सेवायोजन विभाग से अपेक्षा की गई है कि वे प्रवासी श्रमिकों का डेटाबेस तैयार कराकर उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप उपलब्धता से अवगत कराएं। नगर मजिस्ट्रेट चंदन पटेल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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