आयकर के रडार पर शहर के दो दर्जन खाताधारक
उन्नाव। नोटबंदी के बाद एकमुश्त खातों में लाखों जमा करने वालों पर आयकर टीम ने नजरें टेढ़ी कर दी हैं। शहर के दो दर्जन से अधिक बड़े कारोबारियों के बैंक खातों का डाटा आयकर विभाग ने तलब किया है।
वहीं चर्चित नेताओं के बैंक खातों की भी विभाग निगरानी कर रहा है। इससे खाताधारकों के साथ ही बैंक कर्मियों में भी हड़कंप का माहौल है।
बड़े नोट पर सर्जिकल स्ट्राइक से धनकुबेरों की मुश्किलें थम नहीं रही हैं। नियमों की सख्ती से बड़े कारोबारियों में ऊहापोह के हालात हैं। ‘आधार’ की पाबंदी के साथ ही आयकर विभाग को कार्रवाई की छूट से राजस्व को चूना लगा रहे कारोबारी मुश्किल महसूस कर रहे हैं। निकाय चुनाव के चलते आयकर विभाग एक बार फिर हरकत में आया है। आयकर अधि
कारी नोटबंदी के दौरान चिन्हित बैंक खातों के अलावा बड़े कारोबारियों के बैंक खातों के लेनदेन की निगरानी कर रहे हैं। टीम ने जिले की बैंकों का डाटा खंगालना शुरू कर दिया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो टीम के रडार पर वो खाताधारक हैं, जिनके खातों में हाल के दिनों में एकमुश्त लाखों की रकम का लेनदेन हुआ है। शहर की दो राष्ट्रीयकृत बैंकों के 26 खाताधारकों को आयकर विभाग ने रडार पर लिया है। आयकर विभाग की कार्रवाई के जद में आए खाताधारकों की नींद हराम हो गई है।
वहीं बैंक अधिकारी आयकर टीम की निगहबानी से सकते में हैं। शहर की दो बैंक शाखाओं के प्रबंधकों के अनुसार आयकर विभाग ने दो दर्जन से अधिक खाताधारकों को नोटिस दिया है। अधिकारियों ने कुछ बड़े कारोबारियों के खातों का ब्योरा मांगा है। आयकर अधिकारी विवेक वरुण ने कार्रवाई व नोटिस के बारे में कुछ भी जानकारी देने में असमर्थता जताई है। उन्होंने कुछ कारोबारियों के खिलाफ जांच शुरू होने की बात जरूर स्वीकार की।
खुफिया एजेंसी भी अलर्ट
नोटबंदी के बाद बैंक खातों में मोटी रकम जमा करने वालों पर आयकर विभाग के साथ ही खुफिया एजेंसी आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) व एलआईयू (लोकल इंटेलीजेंस ब्यूरो) ने भी धनकुबेरों पर नजरें गड़ा रखी हैं।
विभागीय सूत्रों की मानें तो पीएमओ कार्यालय की सख्ती के बाद खुफिया एजेंसियां राजनीतिक चेहरों के साथ ही हाल के दिनों में धनवान बने लोगों के बैंक खातों का डाटा जुटा रही हैं।
- जिले की बैंकों में ‘आयकर’ का अलर्ट, जारी हो रहे नोटिस
राजनीतिक लोगों के खातों का डाटा जुटा रहीं, खुफिया एजेंसियां
अमर उजाला ब्यूरो