फोटो-30-निमादपुर ग्राम पंचायत का पंचायत भवन। संवाद
-सीआरएस पोर्टल से ऑनलाइन जारी किए गए प्रमाणपत्र जांच के घेरे में आए
-नवाबगंज की मकूर और हसनगंज की निमादपुर पंचायत के सचिवों को नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। दो विकास खंडों की अलग-अलग ग्राम पंचायतों से छह माह में 6213 जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हो गए। सीआरएस पोर्टल (नागरिक पंजीकरण प्रणाली) से इतनी अधिक संख्या में प्रमाणपत्र ऑनलाइन जारी हुए तो संदेह के घेरे में आ गए।
केंद्र सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर जांच कराने का आदेश दिया। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है।
इसी साल एक जनवरी से 15 जुलाई 2025 के बीच सीआरएस पोर्टल से हसनगंज की निमादपुर ग्राम पंचायत की पंजीकरण इकाई आईडी 17609 से 5893 और नवाबगंज विकासखंड की मकूर ग्रामसभा की आईडी 17578 से 320 जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुए। पिछले छह महीने में इन दोनों ग्राम सभाओं से इतनी ज्यादा संख्या में प्रमाणपत्र जारी होने से, निगरानी करने वाले केंद्र सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय ने संदिग्ध व फर्जी मानते हुए प्रदेश के विभागीय अधिकारियों को पत्र जारी किया। इसके बाद प्रदेश के संयुक्त निदेशक एवं सहायक महारजिस्ट्रार एके राय ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर जांच कराने को कहा। डीएम गौरांग राठी के आदेश पर डीपीआरओ आलोक सिन्हा ने दोनों ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत सचिवों को नोटिस जारी करके इतनी ज्यादा संख्या में प्रमाणपत्र जारी होने को लेकर जवाब मांगा है। साथ ही तकनीकी जानकारी के लिए एक पत्र सीएमओ कार्यालय को भी भेजा है।
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क्या है सीआरएस पोर्टल
सीआरएस पोर्टल के जरिए जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं। पोर्टल की लॉगिन आईडी व पासवर्ड केवल ग्राम पंचायत सचिव के ही पास ही रहते हैं। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी 30 दिन तक की अवधि के आवेदन स्वीकृत करते हैं। जबकि इससे ज्यादा पुराने प्रमाणपत्रों के लिए डीपीआरओ और एसडीएमस्तर से स्वीकृति दी जाती है।
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औरास सीएचसी की आईडी हैक कर प्रमाणपत्र बनवाने का पकड़ा जा चुका है मामला
दो ग्राम पंचायतों में इतने ज्यादा प्रमाणपत्र जारी होने में आईडी हैक होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि इससे पहले औरास सीएचसी में ऐसा हो चुका है। 18 जनवरी को औरास सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप सिंह ने थाने में स्वास्थ्य केंद्र के सीआरएस पोर्टल को हैक कर आईडी और पासवर्ड तैयार कर फर्जी तरीके से 55 जन्म प्रमाणपत्र जारी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में साइबर सेल ने जांच के बाद आईडी हैक करने में आरोपी अभिषेक गुप्ता निवासी लखनऊ के नौबस्ता सआदतगंज को पकड़ा गया था। आरोपी अभिषेक ने बहराइच सहित कई जिलों में यूजर आईडी और पासवर्ड बेचने की बात बताई थी। उसने बताया था कि वह चार से पांच हजार रुपये में प्रमाणपत्र बनाकर देता था।
जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी
मामले में पंचायत सचिवों से जवाब मांगा गया है। तकनीकी रूप से सीएमओ कार्यालय आईडी को कंट्रोल करता है। इसलिए एक पत्र मुख्य चिकित्साधिकारी को भी भेजा गया है। सचिवों व सीएमओ के जवाब से ही स्पष्ट हो पाएगा कि जो प्रमाणपत्र जारी हुए हैं वह सही हैं या फर्जी। इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।-आलोक सिन्हा, डीपीआरओ।