उन्नाव। कानपुर लखनऊ रेलमार्ग पर एक महीने के अंतराल में छह से अधिक स्थानों पर रेल फ्रैक्चर की घटनाएं हुईं। इस दौरान यात्रियों को घंटों लेटलतीफी के साथ ही अन्य मुश्किलों से जूझना पड़ा। रेल यात्रियों के सफर को सुरक्षति करने के लिए रेलपथ विभाग ने जर्जर रेल पटरियों का चिह्नीकरण शुरू किया है।
जनवरी के अंत तक नई पटरियां बिछा दी जाएंगी। रेलपथ निरीक्षक विभाग ने गंगाघाट से कुसुंभी तक अप व डाउन दोनों तरफ कई स्थानों पर रेल पटरियां पुरानी होने से खस्ताहाल हो चुकी हैं। इससे भीषण सर्दी के मौसम में पटरियों में फ्रैक्चर की घटनाएं बढ़ी हैं। रेलवे ने पुरानी हो चुकीं रेल पटरियों को बदलने की कवायद शुरू कर दी है। जर्जर हो चुकी पटरियों को ढूंढ़ने में गैंगमैन करीब एक सप्ताह से जुटे पड़े हैं।
अधिकारी जर्जर पटरियों के स्थान को चिह्नित कर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, रेलमार्ग पर चिह्नीकरण कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा हो जाएगा। रेलपथ विभाग के जेई विमल कुमार ने बताया कि जर्जर रेल पटरियों को चिह्नित किया जा रहा है। जनवरी महीने के अंत तक पुरानी पटरियों को बदलकर नई पटरियां बिछा दी जाएंगी। बताया कि मुख्यालय से रेल पटरियां आ गई हैं।