अलग-अलग थानाक्षेत्रों में लगी आग ने किसानों को तगड़ा झटका लगा। सैकड़ों बीघे में खड़ी गेहूं की फसल आग से जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने दमकल कर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया, मगर असोहा में दमकल गाड़ी न पहुंचने से किसानों में नाराजगी है।
असोहा प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के सेमरी गांव किनारे नरसिंह बाबा के मंदिर के पास खेतों में रविवार दोपहर आग की लपटें व धुआं देख ग्रामीण पहुंचे तो देखा लोहड़ीकांत के बाग में आग जल रही थी। कुछ ही देर में आग सुघर सिंह के खेतों तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कई खेतों व बागों को अपनी चपेट में ले लिया। आग को बुझाने के लिए मझरिया, नीमटीकर, शंकरखेड़ा व सेमरी गांवों के ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत की।
सूचना के घंटों बाद भी फायर बिग्रेड की टीम मौके पर नहीं पहुंची। आग से राज किशोर त्रिवेदी की पांच बीघा, महाबली व छेदीलाल की 2-2 बीघा, लक्ष्मण की डेढ़ बीघा के अलावा रज्जन सिंह व कल्लू, शिवमंगल के बाग के पेड़ समेत 20 बीघे की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। इस भीषण आग में लाखों का नुकसान होने की संभावना है। दूसरी घटना थानाक्षेत्र के गोसाईखेड़ा गांव के बाहर मुनेश्वर चौरसिया व जगेश्वर चौरसिया के खेतों के ऊपर से गुजरी एचटी लाइन में स्पार्किंग से हुई। ग्रामीणों ने अपने संसाधनों से आग पर काबू पाया। आगे से एक बीघे की फसल राख हो गई।
फ तेहपुर चौरासी प्रतिनिधि के अनुसार, थानाक्षेत्र के गांव बरूआघाट के पूर्व प्रधान रामनिवास पाल ने बताया कि गांव की ही रामदेवी पत्नी रामकुमार के गेहूं की फसल के ऊपर से बिजली के तार निकले हैं। रविवार को सुबह दस बजे तारों में स्पार्किंग से आग लग गई। तेज हवा के कारण आग बढ़ती गई।
सूचना पर पहुंचे अग्निशमन दल ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया। तब तक पूर्व प्रधान सहित मनोहर, ज्ञानी, देशराज व मालती की करीब आठ बीघा फसल जल गई। ग्रामीणों ने बताया कि हाईटेंशन लाइन इतनी जर्जर है कि टुकड़ों में जोड़ी गई है। इससे आए दिन स्पार्किंग होने से तार टूटने की घटनाएं होती रहती हैं।
बारासगवर प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के दो गांवों में खेतों में लगी आग से लाखों की फसल जल गई। नरोत्तमपुर में धनीराम के सबमर्सिबल के लिए गई विद्युत लाइन में अचानक स्पार्किंग से तार टूटकर खेतों में जा गिरे। सूखी फसल में चिंगारी गिरने पर आग लग गई।
आग से सीताराम, सुनील, सुनीत, बच्चू, श्रीकृष्ण, चंद्रकिशोर, रामलखन, रामरतन, रामलखन के खेतों में खड़ी लगभग छह बीघा फसल जल गई। मौके पर पहुंचे लेखपाल राम सिंह ने नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तहसील को भेजी। गढेवा ग्रामसभा के मजरे सहिबीखेड़ा में दिन में 11:30 बजे खेत में आग लग जाने से कृष्ण कुमार व दिनेश कुमार की फसल जल गई। देवीपाल के खेत में लगा भूसा भी जल गया।
हसनगंज प्रतिनिधि के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ऊंचाद्वार ग्राम में जर्जर विद्युत लाइन गेहूं की फसल पर गिर गई। इससे करीब तीन बीघे गेहूं की फसल जल गई। प्रधान के पति सुनील ने फायर बिग्रेड को सूचना दी, लेकिन दमकल की गाड़ी डेढ़ घंटे बाद पहुंची। जेई हसनगंज राजेश सैनी ने बताया कि जर्जर तार तो है, लेकिन टूटकर नहीं गिरे। हरे पेड़ की डाल में टकरा जाने से उसमें चिंगारी निकली जिससे खेत में आग लगी।
आग से दो मवेशी झुलसे
चकलवंशी। छप्पर में आग लगने से दो मवेशी झुलस गए। माखी थानाक्षेत्र की ग्रामसभा मेथीटीकुर के मजरा बगला निवासी बिशुना पत्नी अगनू रविवार दोपहर में अपने छप्पर के नीचे लेटी थी। तभी अचानक छप्पर में आग लग गई। उसकी घर गृहस्थी का पांच हजार रुपये का सामान जल गया और दो बकरियां भी झुलस गईं।
पुरवा प्रतिनिधि के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के दो स्थानों पर बिजली के तार टूटने से साढे़ तीन बीघा गेहूं की फसल राख हो गई। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। फायर बिग्रेड मौके पर नहीं पहुंच सकी। शारदा नहर के किनारे बिजली के तारों से निकली चिंगारी खेतों में गेहूं की फसल पर जा गिरी। जिससे अब्दुल रऊफ खां पुत्र हाफि ज के सवा बीघा, इमरान खां का 15 बिसुवा, मो. अमीन खां का दो बीघा भूसा जलकर स्वाहा हो गया। टीकरखुर्द में संजीव पुत्र जयकेशन के खेत में बोई गेहूं की पर बिजली का तार गिर गया।
आपूर्ति बंद कराने से आग पर काबू पा लिया गया जिससे मात्र 11 बोझ ही फसल जली। सूचना पर राजस्वकर्मी अभिनव सिंह चौहान व रमेश यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने 52 हजार रुपये की क्षति का आंकलन किया है।