उन्नाव। केंद्र सरकार के बैंक कर्मचारियों के महज दो फीसदी वेतन वृद्धि प्रस्ताव के खिलाफ बुधवार को बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने यूपी बैंक इंप्लॉयज यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर सरकार को कोसा। राष्ट्रीयकृत बैंकों में तालाबंदी से करीब 400 करोड़ की क्लीयरिंग व नगद लेन-देन ठप रहा।
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर जिले की 24 राष्ट्रीयकृत बैंकों की 231 बैंक शाखाएं बुधवार को बंद रहीं। यूपी बैंक इंप्लॉयज यूनियन के तत्वावधान में सुबह करीब 10:30 बजे बैंककर्मी शहर स्थित पंजाब नेशनल बैंक मुख्य शाखा के सामने इकट्ठा हुए। हड़ताल में एसबीआई की भागीदारी के अलावा बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, सिंडीकेट बैंक समेत अन्य राष्ट्रीयकृत सरकारी बैंकों के कर्मचारी शामिल रहे। बैंककर्मियों ने वेतन वृद्धि के फैसले का विरोध कर नारेबाजी की। यूनियन के मंत्री प्रकाश अवस्थी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप मढ़े। उन्होंने कहा कि बैंककर्मी सरकार के हर दिशा निर्देश का पालन कर सहयोग कर रहे हैं। बैंक कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने वेतन में पर्याप्त वृद्धि, सेवा शर्तों में सुधार, स्केल सात के सभी अफसरों के लिए वेतन पुनरीक्षण समझौता करने की प्रमुख मांगें रखीं। बीडी सिंह ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के एनपीए बकाये को लेकर गंभीर नहीं है। वहीं उच्चाधिकारियों पर दबाव बनाकर बैंक का नुकसान कराने में उन्हें अपरोक्ष रूप से जिम्मेदार बताया। कासिम जाफरी ने सरकार को कर्मचारी विरोधी करार दिया। यूनियन सदस्यों ने मांगें पूरी न होने पर सरकार को तल्ख प्रदर्शन की चेतावनी दी। दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन करीब चार सौ करोड़ की क्लीयरिंग व अन्य बैंकिंग लेनदेन प्रभावित रहा। प्रदर्शन में बुधवीर सिंह, सत्यजीत, संजय मिश्रा, विनोद शुक्ला, पीएन सिंह, सुरेश बाजपेई, वीके दीक्षित, श्याम गोपाल, गौरव मिश्रा, प्रदीप त्रिपाठी, कोमल सिंह, एमके अवस्थी, चंद्रप्रकाश, सागर शुक्ला शामिल रहे। तालाबंदी से खाताधारक बैंकों से मायूस होकर लौटते रहे।