फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

4.93 अरब की जिला योजना पर मुहर

विज्ञापन
विकास भवन सभागार में जिला योजना की बैठक में बोलती जिले की प्रभारीमंत्री कमल रानी वरूण व मौजूद सां - फोटो : UNNAO
विज्ञापन
उन्नाव। जिला योजना की बैठक में उस समय माहौल काफी गर्म हो गया जब कुछ जिला पंचायत सदस्यों ने मीटिंग के रजिस्टर में हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इससे अरबों की कार्ययोजना के पास होने पर संशय के बादल मंडराने लगे। यह देख डीएम आगे आए और उन्होंने जिला पंचायत सदस्यों को हर समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद सदस्यों की काफी ना-नुकुर के बीच जिला योजना की बैठक में 4.93 अरब की कार्ययोजना पर मुहर लगी।
विज्ञापन

विकासभवन सभागार में शनिवार दोपहर 12 बजे से बैठक प्रस्तावित थी। करीब आधे घंटे देरी से प्रभारी मंत्री कमल रानी वरुण की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में बिजली, पानी व सड़कों की समस्याओं पर चर्चा शुरू हुई। इसी बीच नवाबगंज की एक पानी की फैक्टरी का प्रकरण फिर उछला। इसके अलावा नेडा के परियोजना अधिकारी भी एक जनप्रतिनिधि के कोपभाजन का शिकार बने। जनप्रतिनिधि ने दोटूक कहा कि कागजों पर विभाग की योजनाएं चल रही हैं। बैठक में पर्यटन को बढ़ावा दिए जाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री संवर्धन योजना के तह छह विधानसभा क्षेत्रों में पर्यटनस्थलों के सुंदरीकरण कराए जाने का प्रस्ताव रखा गया। कुछ सदस्यों ने खस्ताहाल सड़कों की समस्या रखी और नई सड़कों के निर्माण पर चर्चा की। सदस्यों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का दायरा बढ़ाया जाए। लोगों तक पीने का स्वच्छ पानी पहुंचाया जाए। इस पर अधिकारियों ने बताया कि जिन स्थलों पर फ्लोराइड की मात्रा अधिक है उन गांवों में आरओ लगाने की योजना बनाई गई है। इस दौरान 47 विभागों की योजनाओं एवं प्रस्तावित व्यय पर सदन में चर्चा की गई। आखिर में उस समय स्थितियां गड़बड़ा गईं जब कुछ सदस्यों ने खुद के एक भी कार्य न होने का आरोप लगाते हुए मीटिंग रजिस्टर में हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। प्रभारी मंत्री कमल रानी वरुण ने समझाने का प्रयास किया। बैठक में मौजूद सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने मोर्चा संभाला और सदस्यों को जल्द असलहा लाइसेंस जारी कर देने का आश्वासन दिया। जिसके बाद सदस्य शांत हुए और हस्ताक्षर किए।
कृषि विभाग 18 लाख, पशुपालन 426.60 लाख, दुग्ध विकास 162.57 लाख, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम के तहत 2500 लाख, सिंचाई एवं जल संसाधन को 50 लाख, रोजगार कार्यक्रम मेें 9554.82 लाख, पंचायतीराज 217.30 लाख, निजी लघु सिंचाई 2789 लाख, सड़क एवं पुल 3500 लाख, प्राथमिक शिक्षा 3117.05 लाख, माध्यमिक शिक्षा 1250 लाख, एलोपैथी 3342.17 लाख, अस्पतालों/औषधालयों में विशिष्ट सुविधाओं के लिए 160 लाख, परिवार कल्याण 500.15 लाख, होम्योपैथी 390 लाख, ग्रामीण स्वच्छता पर 2400 लाख, प्रधानमंत्री आवास योजना में 9600 लाख, अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 484.78 लाख, महिला कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लिए 814.44 लाख।
विज्ञापन

विकासभवन सभागार में हुई जिला योजना की बैठक में सत्ताधारी दल के नेताओं के समर्थकों का भारी जमावड़ा रहा। इसी कारण कई अधिकारी काफी देर तक कुर्सी मिलने का इंतजार करते रहे। इन समर्थकों को हटाने की हिम्मत न तो प्रशासन के बड़े अफसर में दिखी और ना ही पुलिस विभाग के मुखिया में। समर्थक ही कुर्सियों में डटे रहे। वहीं एक जनप्रतिनिधि के साथ उनके कुछ ‘खास’ लोग भी बैठक में आए थे। जिनकी आवभगत में प्रशासन के अफसर लगे रहे। इसके विपरीत प्रशासन ने अपनी ‘ताकत’ सिर्फ मीडिया पर ही दिखाई और बैठक में उसकी ही इंट्री पर रोक लगा दी। बैठक में सांसद साक्षी महाराज, जिला पंचायत सदस्य संगीता सेंगर, विधायक पंकज गुप्ता समेत सभी जिला पंचायत सदस्य सहित पुलिस अधीक्षक विक्रांतवीर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, नगर मजिस्ट्रेट चंदन पटेल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पूर्व में हुई एक बैठक के दौरान जनप्रतिनिधि के समर्थकों द्वारा एक जिलास्तरीय अधिकारी के साथ मारपीट की घटना के बाद शनिवार को यहां पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सुरक्षा के चलते विकासभवन सभागार के अलावा परिसर व बीएसए कार्यालय तिराहे पर दंगा नियंत्रण वाहन के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा। हाल के अंदर सादी वर्दी में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। साथ ही एलआईयू भी सक्रिय रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें