उन्नाव। काम के सिलसिले में विदेश व दूसरे प्रांतों से आए 3880 बाशिंदों को लॉकडाउन में उन्नाव ने रहने के लिए ठिकाना दिया है। ऐसे लोगों की प्रदेश सरकार ने सुध ली और जिला प्रशासन से सर्वे कराकर पहचान कराई। सूची तैयार कर जिला प्रशासन ने इन लोगों से संपर्क किया तो डेढ़ सौ प्रवासियों ने खाद्यान्न न होने की जानकारी दी। प्रशासन ने राहत सामग्री पहुंचाकर भूख मिटाई।
प्रदेश सरकार ने 15 अप्रैल को जिला प्रशासन को पत्र भेजकर जिले में आवासित अन्य प्रदेश के निवासियों व विदेशी नागरिकों की सूची मांगी थी। इस पत्र के आधार पर डीएम रवींद्र कुमार ने सीडीओ को नोडल अधिकारी बनाते हुए सभी अधिकारियों से ऐसे लोगों का सर्वे करने के आदेश दिए थे। अधिकारियों में सहायक श्रमायुक्त, उपायुक्त उद्योग, निकायों के अधिशासी अधिकारियों व बीडीओ ने ईंट भट्ठे, फैक्टरियों, स्लॉटर हाउस व अन्य कार्यों में जांच सत्यापन किया तो विदेश व अन्य प्रांतों (राज्यों) से उन्नाव में काम करने वालों की संख्या 3880 निकली। इनमें 13 ऐसे लोग शामिल हैं जो विदेश (नेपाल) के हैं। यह इंडारगो फूड्स प्रा.लि. में कार्यरत हैं। 22 मार्च को पहले जनता कर्फ्यू और फिर उसके लॉकडाउन घोषित होने से यह सभी अपने घरों को नहीं लौट पाए। कलम व तलवार की धनी इस धरती उन्नाव ने ऐसे लोगों को भी अपने यहां छांव दे दी।
जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने कहा कि शासन के आदेश पर ऐसे 3880 लोगों की सूची तैयार की गई थी जो विदेश और गैर प्रांतों से कामधंधे के सिलसिले में जिले में आए थे और लॉकडाउन में यही रह रहे थे। इनसे जब संपर्क किया गया तो 140 लोगों ने भोजन न मिलने की समस्या बताई थी। जिस पर भोजन व खाद्यान्न भेजकर उनकी समस्या का समाधान किया गया था। आगे भी इन लोगों से संपर्क बनाए रखने के अधिकारियों को आदेश दिया गया है।
विदेश व दूसरे राज्यों से आए लोगों की संख्या
नेपाल-13, छत्तीसगढ़-1740, बिहार-1505, पश्चिम बंगाल-182, असम-95, मध्य प्रदेश-32, राजस्थान-3, पंजाब-4, गुजरात-1, झारखंड-264, उड़ीसा-25, दिल्ली-9, मुंबई-2, तमिलनाडु-1, उत्तराखंड-4
कहां कितने कार्यरत
ईंट भट्ठों में कार्यरत श्रमिकों की संख्या-3107
फैक्टरियों/अन्य कार्यों में लगे व्यक्तियों की संख्या-760
इंडारगो फूड्स प्रा.लि में कार्यरत-13