फोटो नंबर 16- पालिका के जलकल कार्यालय में 11 महीने से खड़ी ई-ठेलिया। संवाद
फोटो नंबर 17- अधिकारियों के दावों को झुठलाता ई-ठेलिया में लगा मकड़ जाला और गंदगी। संवाद
फोटो नंबर 18-नगर पालिका में खड़ी ऑटो स्वीपिंग मशीन। संवाद
सब-शहर में तंग गलियों से कूड़ा उठाने के लिए जनवरी 2024 में हुई थी खरीद
इन्हें चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने पर 25 लाख रुपये खर्च
अब 15.93 लाख से जीपीएस ट्रैकर सिस्टम लगाने की हो रही तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मंशा से जनवरी 2024 में पालिका ने 63 लाख रुपये से सभी वार्डों के लिए 35 ई-ठेलिया खरीदी थीं, लेकिन चालक न होने से यह 11 महीने से पालिका के जलकल कार्यालय में खड़ी जंग खा रही हैं। हाल यह है कि विक्रेता एजेंसी की एक साल की गारंटी खत्म होने वाली है, लेकिन एआरटीओ में रजिस्ट्रेशन तक नहीं कराया जा सका है।
रोजाना शहर में 48 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन औसतन 30 से 35 टन कूड़े का ही नियमित उठान हो पाता है। इससे शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि शहर की सफाई के नाम पर पालिका बजट की सफाई करने में जुटा है। पहले तो चालकों की व्यवस्था किए बिना ही ई-ठेलिया खरीदी गईं। चालक न होने से यह सभी जंग खा रही हैं।
इसके बाद इसी साल अगस्त में यहां पर 25 लाख रुपये से चार्जिंग स्टेशन बनाया गया, लेकिन अभी तक चार्जिंग स्टेशन भी काम नहीं आया। अब पालिका ने एक और खर्च का जुगाड़ बनाया है। नगर पालिका के वाहनों की मॉनीटरिंग के लिए 100 वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, उसे चलाने के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर, तीन साल के रिचार्ज प्लान सहित वाई-फाई सेटअप व अन्य उपकरणों की खरीद के लिए 15.83 करोड़ रुपये और खर्च करने की मंजूरी दे दी है।
सभासदों के कहना है कि नगर पालिका में बजट खर्च करने में मनानी हो रही है। सभासद अभी ऑन रिकार्ड कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन अगली बोर्ड बैठक में मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की बात कह रहे हैं।
बताया गया था यह उद्देश्य
नगर पालिका ने सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए ई-ठेलिया खरीदने के लिए बताया था कि इनके जरिए सफाईकर्मी संकरी गलियों और रास्तों से कूड़ा निकाल कर डंपिंग सेंटर पहुंचाएंगे। वहां से जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से कूड़े को शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर, चांदपुर गांव के पास कूड़ा निस्तारण केंद्र पहुंचाया जाएगा जहां, सुरक्षित तरीके से निस्तारित किया जाएगा।
जिम्मेदारों की बात में विरोधाभास
सभी ई-ठेलिया का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए फाइल एआरटीओ कार्यालय भेजी गई है। जल्द ही पंजीकरण हो जाएगा। जीपीएस ट्रैकर सिस्टम लगाया जाएगा। इसमें पालिका के सभी लोडर, जेसीबी, डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली में भी जीपीएस सिस्टम लगाए जाएंगे। ताकि सभी वाहनों की निगरानी हो सके और डीजल आदि में गड़बड़ी को रोका जा सके।- श्वेता मिश्रा, अध्यक्ष नगर पालिका
सभी ई-ठेलिया चलाई जा रही हैं। हो सकता है किसी तकनीकी दिक्कत की वजह से दो-चार ठेलिया जलकल कार्यालय में बने शेड में खड़ी हों, सभी का रजिस्ट्रेशन हो गया है, रजिस्ट्रेशन नंबर भी डलवाए जा रहे हैं।-एसके गौतम, ईओ नगर पालिका
ई-ठेलिया चलाने के लिए ठेका एजेंसी के माध्यम से चालकों की भर्ती नही हो सकी है। पालिका के सफाईकर्मी जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस हैं, उन्हीं से चलवाया जा रहा है। सभी ई-ठेलिया में जीपीएस सिस्टम भी लगवाया जाएगा। एआरटीओ में रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल भी भेजी है।-विवेक कुमार, जेई नगर पालिका
फोटो नंबर 18-नगर पालिका में खड़ी ऑटो स्वीपिंग मशीन। संवाद
चालक के बिना 54 लाख की ऑटो स्वीपिंग मशीन भी शोपीश
नगर पालिका ने 54 लाख की लागत से डेढ़ साल पहले ऑटो स्वीपिंग मशीन खरीदी थी। नगर पालिका के वाहन चालक इसे नहीं चला पाए। वाहन चालकों को इसका संचालन सिखाने के लिए कंपनी से एक ट्रेनर को भी बुलाया गया था। एक चालक को ट्रेनिंग भी दी गई। लेकिन बाद में वह भी नहीं चला सका। अब यह मशीन केवल नगर पालिका कार्यालय में शोपीस बनी खड़ी है।