शहर कोतवाली के मोतीनगर में दुकान से कब्जा हटाने को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद मारपीट और जमकर पथराव हुआ। सूचना पर पुलिस पहुंची ने दोनो पक्षों को समझाने का प्रयास किया तो पुलिस से ही उलझ गए। बाद में पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले गई। समझौता करने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ क्रास रिपोर्ट दर्ज किया है।
मोतीनगर निवासी राकेशचंद्र शुक्ला के मकान में बनी दुकानों में एक दुकान कई साल पहले अवधेश के पिता स्व. सुमेर यादव ने किराये पर लिया था। सुमेर ने इसमें मिठाई की दुकान खोली थी। सुमेर की मौत के बाद उसके बेटों ने दुकान नहीं खोली। राकेश के अनुसार दो साल से उन्हें दुकान का किराया भी नहीं दिया गया। रोजाना बिजली विभाग के कुछ कर्मचारी वहां आकर नशेबाजी और गाली गलौज करते हैं। रविवार को दुकान मालिक राकेश ने अवधेश से दुकान का किराया मांगा तो विवाद शुरू हो गया।
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मौजूद लोगों ने समझाकर मामला शांत करा दिया। लेकिन थोड़ी ही देर बाद दोनों पक्षों ने ईंट पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इस दौरान दुकान में रखा सामान भी टूटफूट गया। सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंची और दोनाें पक्षों शांत कराने का प्रयास किया तो वह पुलिस से ही उलझ गए। इसके बाद पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली लेकर गई। अवधेश के अनुसार दोपहर लगभग दो बजे दुकान की वह सफाई कर रहा था। तभी राकेश व उनका बेटा आया और गाली गलौज करने लगा।
लोगों के समझाने के बाद मामला शांत हुआ तो राकेश ने छत पर चढ़कर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। जबकि राकेश का कहना है कि पहले इन लोगों ने हमला किया था। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली लाई। एसएसआई मणिशंकर तिवारी ने बताया जब सुलह के लिए कोई पक्ष राजी नहीं हुआ तो दोनों पक्षों से चार लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है।