उन्नाव। गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के बाद खुले परिषदीय स्कूलों के पहले दिन 27 फीसदी छात्र-छात्राएं ही पहुंचे। शिक्षक स्कूल समय तक छात्र-छात्राओं के आने का इंतजार करते रहे। कई स्कूलों के शिक्षक घर जाकर बच्चों को लाये। मानदेय तय न होने से ज्यादातर शिक्षामित्र और अनुदेशक स्कूल नहीं आए। इससे शिक्षण व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
जिले में 1883 प्राथमिक, 451 उच्च प्राथमिक और 375 कंपोजिट स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में 1.93 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। पहले दिन 52110 छात्र-छात्राएं ही स्कूल पहुंचे। इसमें पुरवा के टिकरिया गांव स्थित प्राथमिक स्कूल में 18 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
पहले दिन सिर्फ सात छात्र ही स्कूल पहुंचे। छात्रों की संख्या कम देख प्रधान शिक्षक विनीत व शिक्षामित्र पूजा घर गए और अभिभावकों से मिलकर बच्चों को स्कूल लाए। उधर, बेहटा भवानी द्वितीय स्थित प्राथमिक स्कूल में 49 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
पहले दिन 12 छात्र ही स्कूल आए थे। यहां प्रधान शिक्षक अतुल सिंह व शिक्षामित्र आरती तिवारी ने छात्रों को पढ़ाने के साथ स्वस्थ रहने के लिए योग भी सिखाया। सिकंदरपुर कर्ण ब्लाक के धन्नीपुर प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत 40 छात्रों में पांच ही स्कूल पहुंचे। यहां शिक्षामित्र स्कूल नहीं आए।
नगर क्षेत्र के पन्नालाल पार्क स्थित प्राइमरी स्कूल में 96 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण है। पहले दिन सिर्फ 15 छात्र-छात्राएं ही स्कूल पहुंचे। स्कूल की सहायक शिक्षिका कल्पना अवस्थी ने उन्हें पढ़ाने के साथ खेल के प्रति भी जागरूक किया। मिड-डे मील के अलावा टॉफी चॉकलेट भी दिया।
नगर क्षेत्र के बाबूगंज स्थित प्राथमिक कंपोजिट स्कूल में 113 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण है। पहले दिन तीन छात्र ही स्कूल आए। छात्रों की संख्या कम देख प्रधान शिक्षिका हुमा वसी ने अन्य छात्रों को बुलवाने के लिए स्टॉफ को घर भेजा, लेकिन दोपहर 12:30 बजे स्कूल बंद होने तक दो और छात्र आए।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए नया शासनादेश आया है। 15 से 30 जनवरी तक होने वाली शीतकालीन छुट्टियों का पैसा नहीं काटा जाता है। उसी मानदेय को जोड़ते हुए गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने पर उन्हें स्कूल जाकर पढ़ाना होगा।-संजय तिवारी, बीएसए।