जनपद के 39 परीक्षा केंद्रों पर हुई चकबंदी लेखपाल भर्ती परीक्षा में 2351 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिए उडनदस्ता केंद्रों का निरीक्षण करता रहा। पुलिस प्रशासनिक अफसर भी घूम-घूमकर परीक्षा केंद्रों और वहां की व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
चकबंदी लेखपाल भर्ती परीक्षा के लिए जिले में 39 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसमें होने वाली परीक्षा में 20468 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। इनमें लगभग 2351 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। कई परीक्षा केंद्रों पर तो आपस में बातचीत करने पर बच्चों को बाहर भी कर दिया गया। परीक्षा की निगरानी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट कर रहे थे। इसके अलावा सुपरवाइजर व कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा दिलाने में तैनात किया गया था। पुरवा प्रतिनिधि के अनुसार, ठाकुरजी महाराज डिग्री कालेज में पंजीकृत 240 परीक्षार्थियों में 143 ही परीक्षा देने पहुंचे। यहां पर प्रभारी खंड शिक्षाधिकारी अरुण अवस्थी, प्राचार्य एके राय, कोतवाल आशुतोष त्रिपाठी मौजूद रहे। वहीं तौरा के संस्कार डिग्री कालेज में 499 परीक्षार्थियों में 381 ने ही परीक्षा दी। केन्द्र पर नायब तहसीलदार विवेक मिश्रा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। परीक्षार्थियों को केन्द्र ढूढने में कोई दिक्कतें न आएं इसके लिए पुरवा व मौरावां बस स्टेशन पर 3-3 लेखपालों को लगाया गया था।
फोटो कॉपी की दुकान पर लगी भीड़, पुलिस देख भागे
लेखपाल भर्ती परीक्षा के लिए बनाए गए शहर के एक परीक्षा केंद्र से कुछ दूरी पर एक फोटोकॉपी की दुकान खुली हुई थी। जिसमें काफी भीड़ लगी हुई थी। तभी वहां तैनात विभागीय लोगों को इसकी जानकारी हुई तो पुलिस बल वहां भेजा गया लेकिन तब तक दुकानदार शटर गिराकर वहां से निकल गया था।
पेपर लीक होने की अफवाहों पर दौड़ती रही पुलिस
सुबह 11 बजे से शुरु हुई भर्ती परीक्षा में शहर के बाहर बने सेंटरों पर पेपर लीक होने की सूचना पर पुलिस ने कई सेंटरों का निरीक्षण कर डाला लेकिन कहीं कुछ हासिल नहीं हुआ। उसके बाद से जिला प्रशासन के आलाधिकारियों ने भी अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर जाकर उसकी निगरानी की।
ओएमआर शीट में गड़बड़ी से परीक्षार्थियों को हुई दिक्कतें
फतेहपुर चौरासी के अयोध्या प्रसाद मिश्र डिग्री कालेज में कुछ परीक्षार्थियों की ओएमआर शीट में गड़बड़ी होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसमें उन परीक्षार्थियों को करीब 40 मिनट देरी से पेपर मिल सका। परीक्षार्थी विकास ने बताया कि उनकी ओएमआर शीट 5458701 गायब थी। जिस पर उन्हें 5458712 पर बैठाया गया। इसके अलावा परीक्षार्थी रामू की शीट संख्या 5458712 थी जिन्हें 5458726 शीट दी गई। यही दिक्कत संदीप विश्वकर्मा के साथ रही। इन परीक्षार्थियों ने अपनी समस्या केन्द्र व्यवस्थापक को बताई। व्यवस्थापक ने अधिकारियों से संपर्क किया जिसके चलते समस्या के समाधान होने में करीब 40 मिनट का समय लग गया। इन परीक्षार्थियों को 11.40 बजे पेपर मिल पाया। परीक्षार्थियों का कहना है कि पेपर देर से मिलने के कारण उनका 25 फीसदी पेपर छूट गया। उधर, डाकघर का सर्वर डाउन होने से आंसरशीट की रजिस्ट्री कराने में केन्द्र व्यवस्थापकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।