डीआईओएस कार्यालय में बीते तीन महीनों से वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय न मिलने के मुद्दे पर शिक्षक महासभा ने धरना प्रदर्शन किया। धरने को ताकत देने पहुंचे दो-दो विधायकों ने विभागीय खामी को निशाना बनाते हुए जमकर कोसा। साथ ही एक सप्ताह में शिक्षकों के खाते में मानदेय न पहुंचने पर कार्यालय घेराव का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद डीआईओएस ने शिक्षक पदाधिकारियों से वार्ता कर 30 दिसंबर तक मानदेय जारी करने का आश्वासन दिया।
माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष गंगासागर यादव की अध्यक्षता में बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में ंसंघ का धरना प्रदर्शन हुआ। धरने में पहुंचे शिक्षक एमएलसी लखनऊ उमेश द्विवेदी ने शिक्षक समस्याओं पर जिम्मेदार अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वित्त विहीन शिक्षकों के साथ अधिकारी सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। जो कतई बर्दाश्त नहीं। इसके अलावा एमएलसी संजय मिश्र ने शिक्षकों में जोश भरते हुए कहा कि आप कि बदौलत ही बच्चों का भविष्य संवर रहा है। इसके बाद भी मैनेजर व विभागीय शोषण का शिकार होना पड़ रहा। जो अब नहीं हो सकेगा। उन्होंने शिक्षक हितों में कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ने का आश्वासन दिया। साथ ही एक सप्ताह में मानदेय खातों में ट्रांसफर करने का डीआईओएस को अल्टीमेटम दिया। इसके अलावा महासभा प्रदेश अध्यक्ष रामवीर सिंह, जिलाध्यक्ष, प्रदीप तिवारी, केपी वर्मा, सुनील यादव, पूनम वर्मा ने भी संबोधित किया। धरने के दौरान विधायकों ने प्र्रतिनिधिमंडल के साथ डीआईओएस राकेश कुमार से मुलाकात की। बातचीत में डीआईओएस ने 168 वित्त विहीन स्कूलों में कार्यरत लगभग 2300 शिक्षकों का मानदेय 30 दिसंबर तक खातों में ट्रांसफर करने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। इस दौरान विजय त्रिपाठी, ओम दीक्षित, हरीश शुक्ल, दीपिका यादव, रामबाबू यादव, बब्बन यादव, सुरेश शुक्ल, अमर सिंह भी मौजूद रहे।