जनपद में पिछले 24 घंटे में 23 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई है। सफीपुर तहसील में सबसे ज्यादा और पुरवा में सबसे कम बारिश रिकार्ड की गई। जिन इलाकों में ठीकठाक बारिश हुई, वहां खेतों में रौनक लौट आई है। जानकार इस बारिश को सूख रही फसलों के लिए संजीवनी बता रहे हैं। वहीं भीषण गर्मी का कहर झेल रहे लोगों को भी इस बारिश से राहत मिली है। न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बारिश से खेत-खलिहान पानी से लबालब हो गए। इससे खेती-किसानी का काम कुछ दिन के लिए रुक गया।
सोमवार सुबह से ही आसमान में बादल छा गए थे। यह मंगलवार सुबह तक छाए रहे। इस दौरान बीच-बीच में तेज और धीमी बारिश होती रही। सोमवार दोपहर और मंगलवार को भोर की पहर कई घंटे झमाझम पानी बरसा। कलेक्ट्रेट से मिले आंकड़ों के मुताबिक सोमवार सुबह आठ बजे से मंगलवार सुबह आठ बजे तक जनपद में 23 मिलीमीटर औसत बारिश हुई। इसमें सबसे ज्यादा सफीपुर में 41 मिमी पानी बरसा। वहीं पुरवा में सबसे कम 3 मिलीमीटर बारिश हुई। हसनगंज व उन्नाव सदर में अपेक्षाकृत बारिश सामान्य रही।
पानी से खेतों में जलभराव हो गया है। किसानों का कहना है कि खरीफ की फसलों (धान को छोड़कर) मक्का, उर्द, मूंग आदि की बुआई के लिए उन्हें खेत सूखने का इंतजार करना पड़ेगा। अभी जुताई नहीं हो पाएगी। एक-दो दिन में खेत सूखने पर ही जुताई ओर बुआई शुरू हो पाएगी। बारिश से मौसम में भी बदलाव देखने को मिला है। न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। अधिकतम तापमान में विशेष अंतर नहीं दिखा।
कहां कितनी हुई बारिश
सफीपुर 41 मिमी
हसनगंज 37 मिमी
उन्नाव 03 मिमी
पुरवा 11 मिमी
कुल औसत लगभग 23 मिमी बरसात हुई।
अच्छी बारिश की जगी उम्मीद
पिछले साल जून माह में मात्र 10 मिमी. ही बारिश हुई थी। जून माह में 67.5 मिमी बारिश औसत मानी जाती है। इस बार अभी तक (21 जून तक) करीब 30 मिमी बरसात हो चुकी है। ऐसे में जानकार इस बार अच्छी बारिश की उम्मीद जता रहे हैं। जानकारों की मानें तो जिस तरह से इस बार बारिश हुई, उससे अगले कुछ माह ठीकठाक पानी बरसने की उम्मीद बढ़ गई है।