तपिश के साथ ही चल रही गर्म हवाओं से डायरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। दो दिन में 22 से अधिक डायरिया से पीड़ित मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मरीजों के बढ़ने पर स्थिति यह रही कि एक बेड पर दो मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मरीजों को भर्ती करने में परेशानी रही है।
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से डायरिया पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। दो दिनों में डायरिया पीड़ित मरीज में शहर के मोहल्ला फतुल्लानगर निवासी नईम का पुत्र अनम (एक) अवधेश का पुत्र विकास कुमार (डेढ़ वर्ष), इंद्रानगर निवासी निहाल (10) पुत्र चंद्रपाल, राम कुमार (30) पुत्र चौरा, समीर (दो) पुत्र रवी, मसवासी निवासी सरला (20) पुत्री नन्कहऊ, शिवा (सात) पुत्र मंगल सैयद अब्बासपुर,
अचलगंज के कुर्मिनखेड़ा गांव की पूनम (18) पुत्री गंगाराम, कमलेश (44) पुत्र साहबलाल, कब्बाखेड़ा के गुलशन (14) पुत्र दीप सिंह, माखी निवासी अभिषेक (17) पुत्र देवेंद्र सिंह, सौम्या देवी (40) पत्नी जुगल प्रसाद माखी इसके अलावा गीता यादव (45) पत्नी मुन्नूलाल, राहुल (19), मोना (30), विनय (20), मनीष (15), रीचा (20), नैना (तीन), महिमा (21), अनूप (40), रामदुलारी (नौ माह) को परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
बीमारी के लक्षण
कंपकंपी उल्टी या बेहोशी आना, बार-बार प्यास लगना, तेज बुखार होना, पेट में दर्द, थका व कमजोर महसूस करना।
ऐसे बरते सावधानी
डायरिया होने पर दूध व डेयरी उत्पाद से दूर रहें।
दिन में कम से कम 10 ग्लास पानी पीएं।
कम फाइबर वाले खाने का प्रयोग करें।
साफ-सफाई का विशेष तौर पर ध्यान दें।
अधिक परेशानी होने पर तुरंत डाक्टर को दिखाएं