उन्नाव। सुमेरपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत आकमपुर में शौचालय निर्माण में 22 लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। डीपीआरओ की जांच में गांव में बनाए गए शौचालयों में अनियमितताएं मिली हैं।
लाखों रुपये का दुरुपयोग सामने आने पर प्रधान और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। नोटिस प्राप्ति के 10 दिन के अंदर जवाब न देने पर दोनों से घोटाले की राशि बराबर-बराबर वसूली जाएगी।
आकमपुर गांव डा. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना में चयनित है। ग्राम पंचायत में 422 शौचालयों का निर्माण होना था। इसके लिए निर्मल भारत अभियान के तहत 19,41,200 रुपये ग्राम पंचायत के खाते में उपलब्ध कराई गई थी। डीपीआरओ संजय बर्नवाल ने 18 फरवरी 15 को गांव जाकर शौचालयों का स्थलीय निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के समय सचिव व मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने अवगत कराया कि उस समय तक 322 व्यक्तिगत शौचालय ही निर्मित कराए गए। यह स्थिति तब थी जब 422 व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण के लिए 1 वर्ष 7 माह पहले निर्मल भारत अभियान अंश की धनराशि दी जा चुकी थी।
निरीक्षण के समय 422 व्यक्तिगत शौचालय के सापेक्ष मात्र 2 व्यक्तिगत बगैर नाम लेखन एवं रंगाई पुताई के पूर्ण पाए गए। 72 का कार्य ही शुरु नहीं हुआ था। शेष निर्मित व्यक्तिगत शौचालय में अधूरा निर्माण कराकर भुगतान वाली धनराशि हजम कर ली गई।
इस प्रकार ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण में 22,24,862 रुपए का घोटाला पाया गया। मामले की जांच रिपोर्ट डीपीआरओ ने डीएम को भेजी। डीएम के आदेश पर प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी शैलेंद्र भारती को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीपीआरओ ने आदेश दिया है कि पत्र प्राप्ति के 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब दें।