अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। गदनखेड़ा स्थित एक नर्सिंग होम में जिंदा युवक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर अस्पताल से बाहर निकाल दिया। अस्पताल से बाहर निकलते ही युवक की सांसे चलने पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मामला तूल पकड़ता देख डॉक्टरों ने आक्सीजन लगाकर युवक को दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के दरबारी खेड़ा निवासी मुन्नू तिवारी (29) को पेट में संक्रमण होेने पर एक सप्ताह पूर्व परिजनों ने गदनखेड़ा स्थित विश्वकर्मा नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। शनिवार सुबह नर्सिंग होम के चिकित्सकों ने मुन्नू को मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद मुन्नू को अस्पताल से बाहर निकाल दिया। परिजन अभी मुन्नू को लेकर घर जा ही रहे थे तभी उन्हें आभास हुआ कि मुन्नू सांस ले रहा है। इस पर उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया।
परिजनों के हंगामा करने पर पहुंचे चिकित्सकों ने मुन्नू की दोबारा जांच की। इस दौरान उसे अस्पताल में दोबारा भर्ती कर उसे आक्सीजन दी गई। हालांकि हालत मरणासन्न देख उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। परिजन मुन्नू को लेकर कानपुर के एक अस्पताल चले गए। विश्वमकर्मा नर्सिंग होम के चिकित्सक डॉ. आशुतोष ने बताया कि मृत घोषित करने की जानकारी उन्हें नहीं है। हालत बिगड़ने पर युवक को रेफर कर दिया गया था।
-निजी अस्पताल में चिकित्सकों ने युवक को कर दिया था मृत घोषित
- युवक के सांस लेने पर परिजनों ने किया हंगामा