अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। बच्चों की सेहत सुधारने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। भविष्य में बच्चों को मीजल्स व रूबेला वायरस से बचाने के लिए नि:शुल्क टीके लगाए जाएंगे।
जिले में सितंबर माह से स्वास्थ्य विभाग दो चरणों में टीकाकरण अभियान चलाएगा। पहले चरण में नौ माह से पंद्रह वर्ष तक के बच्चों को रूबेला से बचाने के लिए स्कूलों में नि:शुल्क टीके लगाए जाएंगे। दूसरे चरण में नौ माह से दो वर्ष तक के बच्चों को नियमित टीकाकरण अभियान में शामिल किया जाएगा।
मीजल्स (खसरा) 15 वर्ष तक के बच्चों में होने वाला वायरल इंफेक्शन है। रूबेला वायरस के इंफेक्शन से सामान्य सर्दी खांसी के लक्षण बच्चों में पाए जाते हैं। इन रोगों से बचाव के लिए अब तक निजी अस्पतालों में टीके लगते थे। सरकार ने अब सरकारी अस्पतालों में मीजल्स और रूबेला से बचाव के लिए नि:शुल्क टीकाकरण की व्यवस्था की है। सितंबर माह से जिले में बच्चों को यह टीके लगने लगेंगे। एसीएमओ डा. आरके गौतम ने बताया कि सितंबर माह में टीकाकरण के लिए पहला राउंड चलाया जाएगा। इसमें नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को टीके लगाए जाएंगे।
स्वास्थ्य अधिकारी लाल बहादुर यादव ने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में जिले के स्कूलों को शामिल किया जाएगा। सरकारी स्कूल, निजी स्कूल, मदरसा, आंगनबाड़ी केंद्र शामिल किए जाएंगे। दूसरे चरण में नियमित टीकाकरण में रूबेला का टीका नौ माह से दो वर्ष तक के बच्चों को लगाया जाएगा।
पहचान के लिए लगेगा निशान
रूबेला वायरस से बचाव के लिए बच्चों को टीका लगाया जाएगा। टीका लगाने के बाद बच्चे के बाएं हाथ के अंगूठे पर एक निशान लगाया जाएगा। इससे बच्चे में टीका लगने की पुष्टि होगी।
अब मासूमों को तंग नहीं करेगा रूबेला
सितंबर से स्वास्थ्य विभाग लगवाएगा रूबेला से बचाव के टीके
जिले में दो चरणों में चलेगा टीकाकरण अभियान