उन्नाव। कानपुर के जाजमऊ में उर्स के चलते शनिवार रात से लागू हुआ रूट डायवर्जन वाहन चालकों और मुसाफिरों के लिए मुसीबत बन गया। लखनऊ-कानपुर हाइवे पर शनिवार रात से ही भीषण जाम लगा गया।
हल्के वाहनों को शुक्लागंज और गंगा बैराज से निकाला गया। जबकि लखनऊ से कानपुर की ओर जा रहे भारी वाहनों को रायबरेली रोड से वाया फतेहपुर हाइवे से कानपुर भेजा गया।
भारी वाहन चालकों को 20 के बजाए 150 किमी का चक्कर लगाकर कानपुर पहुंचना पड़ा। रूट डायवर्जन रविवार रात छह बजे तक लागू था। किंतु हाइवे का यातायात देर रात तक सामान्य हो सका।
कानपुर जाजमऊ में उर्स के चलते शनिवार शाम छह बजे से रविवार शाम छह बजे तक के लिए उन्नाव से कानपुर की ओर जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया था।
कानपुर पुलिस से जानकारी मिलते ही यातायात पुलिस ने ट्रक व अन्य भारी वाहनों को सीधे कानपुर जाने से रोक दिया। जबकि बस तथा अन्य सवारी वाहनों को जाने दिया गया। शनिवार रात से शुरू हुआ जाम का सिलसिला रविवार सुबह तक जाजमऊ में भीषण हो गया।
इसके बाद कानपुर पुलिस ने जिले के पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया और ट्रैफिक को पूरी तरह रोकने को कहा। इसके बाद सभी बड़े वाहनों को जाजमऊ गंगा पुल से होकर कानपुर जाने से रोक दिया गया। पुलिस ने सिर्फ छोटे चार पहिया व दो पहिया वाहनों को ही निकलने दिया।
लेकिन वाहन चालकों द्वारा गलत साइड से आवागमन करने से भीषण जाम लग गया। लंबे रूट से बचने के लिए हजारों भारी वाहन हाइवे किनारे खड़े होकर ट्रैफिक रूट डायवर्जन समाप्त होने का इंतजार कर रहे। हालत यह रही कि उन्नाव के आवास विकास बाइपास तिराहा से जाजमऊ पुलिस चौकी तक वाहनों की करीब 20 किमी लंबी कतारें लगी रहीं। रविवार सुबह करीब पांच बजे से स्थिति बिगड़ने लगी तो ट्रैफिक और कोतवाली पुलिस ट्रैफिक कंट्रोल में जुट गई। कई घंटा पसीना बहाना पड़ा।
कानपुर की ओर जा रहे वाहनों को रायबरेली मार्ग से बक्सर गंगापुल होते हुए वाया फतेपुर हाइवे से कानपुर रामादेवी चौराहा भेजा गया। बीस किमी के बजाए डेढ़ सौ किमी का चक्कर लगाने से बचने के लिए वाहन चालक दाएं-बाएं से घुसने की कोशिश में लगे रहे। इससे जाम बुरी तरह उलझ गया।
यातायात उपनिरीक्षक कैलाश बाबू ने बताया कि यातायात सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। देर रात तक यातायात सामान्य होने की उम्मीद है।