अचलगंज। हड़हा में गंदगी का अंबार देख ग्रामीणों ने खुद फावड़ा व झाडू़ उठा लिया। ग्रामीणों ने नालियां साफ कर रास्तों पर झाड़ू लगाई। करीब पंद्रह हजार आबादी वाली इस ग्रामसभा में कहने को तो दो सपाई कर्मी तैनात हैं, लेकिन लापरवाही के चलते कई मजरों में महीनों झाड़ू नहीं लगी है। ऐसे में ग्रामीणों ने सप्ताह में एक दिन गांव में सफाई का संकल्प लिया है।
विकासखंड सिकंदरपुर कर्ण की सबसे बड़ी ग्रामसभा हड़हा है। मौजूदा समय का भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र 2012 से पहले हड़हा के नाम से ही जाना जाता था। यह गांव कवि सम्राट गया प्रसाद शुक्ल सनेही की जन्मस्थली भी है। इस गांव में काफी समय से सफाई व्यवस्था ध्वस्त है।
बड़ी ग्राम पंचायत होने से अधिकारियों ने यहां दो सफाई कर्मियों की तैनाती की है, लेकिन व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई। हालत यह है कि गांव में जगह-जगह जलभराव है। हर तरफ कूड़े के ढेर हैं। ग्रामीणों ने कई बार गांव में सफाई के लिए बीडीओ से लेकर डीएम तक ज्ञापन दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
ऐसे में शनिवार सुबह युवाओं ने खुद ही सफाई करने की ठान ली। हाथों में फावड़ा, कुदाल व झाडू़ लेकर नालियों की सफाई कर जलनिकासी दुरुस्त की। झाड़ू लगाकर शपथ लिया कि वह लोग खुद हर सप्ताह एक दिन अपने गांव की सफाई करेंगे। सफाई के दौरान लाल, गोविंद अग्निहोत्री, अशोक निगम, रामप्रकाश, बचनू, मुकेश आदि रहे।
बोले जिम्मेदार
- ग्राम प्रधान शकीला बेगम ने बताया गांव में दो सफाई कर्मी हैं, लेकिन पूरी ग्रामसभा में प्राथमिक व जूनियर मिलाकर आठ स्कूल हैं। उनकी सफाई के अलावा पंचायत भवन व मुख्य मार्ग की सफाई नियमित होती है। बड़ी ग्रामसभा होने से वह बीडीओ से मिलकर यहां और सफाई कर्मी तैनात करने की मांग करेंगी।
- बीडीओ साधना दीक्षित ने बताया एक ग्राम पंचायत में एक सफाई कर्मी नियुक्त किया गया है। हड़हा ग्राम पंचायत बड़ी होने से यहां दो सपाई कर्मी तैनात किए हैं। सुनिश्चित कराया जाएगा कि वह दोनों सफाई कर्मी नियमित रूप से सफाई करें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। ऐसा पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
सफाई कर्मियों की तैनाती न होने से परेशान हैं ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो