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Unnao News: बेटियों से दुष्कर्म करने वाले पिता को 14 साल का सश्रम कारावास

Fri, 01 Aug 2025 12:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पिता पर बेटियों से दुष्कर्म का दोष साबित होने पर न्यायाधीश ने 14 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 68 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
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सदर कोतवाली के एक मोहल्ला निवासी महिला ने अपने पति दिनेश पर बेटियों से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। महिला ने पुलिस को बताया था कि उसकी दो बेटियां हैं, जिसमें एक नाबालिग है। जनवरी 2021 में उसके पति ने बड़ी बेटी को परीक्षा दिलाने के लिए लखनऊ के चारबाग में कमरा किराए पर लिया था। इस दौरान उसने बेटी से दुष्कर्म किया। बेटी घर लौटी तब पिता कुकृत्य की जानकारी दी। कुछ दिन बाद नाबालिग बेटी ने बताया कि उसके नौकरी पर जाने के बाद पिता ने उसके साथ भी दुष्कर्म की कोशिश की। बताया कि विरोध करने पर मारपीट की।
एक सितंबर 2021 की सुबह करीब चार बजे पति दिनेश बुरी नीयत से नाबालिग बेटी का हाथ पकड़कर नीचे ले जाने लगा। बेटी ने विरोध किया तो उसे पीटा। तहरीर पर पुलिस ने पिता के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व मारपीट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। दो सितंबर 2021 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया था। मुकदमे के विवेचक तत्कालीन एसआई राजीव कुमार ने 16 सितंबर 2021 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज 13 की न्यायालय में चल रही थी। गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई और दोष साबित होने पर न्यायाधीश रवि प्रकाश साहू ने दिनेश को 14 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
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महिला से मारपीट करने के दोषी को एक साल की सजा

उन्नाव। सोहरामऊ थानाक्षेत्र के गोमापुर चौपई निवासी एक महिला ने पुलिस को शिकायतीपत्र देकर बताया था कि 19 जुलाई 2004 को गांव के रहने वाले विजय, अपने पिता राधेश्याम के साथ उसके दरवाजे पर पौधे लगा रहा था। घर के सामने पौधे लगाने से मना किया तो गालीगलौज व मारपीट की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर विजय उर्फ बब्लू के खिलाफ मारपीट व एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। मुकदमे के विवेचक तत्कालीन सीओ राम विलास ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। गुरुवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश कविता मिश्रा ने दलील व साक्ष्य के आधार पर दोषी को एक साल के कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। (संवाद)
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