उन्नाव। शहर क्षेत्र में स्थित 133 पुरानी इमारतें (जर्जर भवन) बारिश में गिरने का खतरा बढ़ गया है। बारिश में भवनों का कोई न कोई हिस्सा टूटकर गिरता रहता है। जर्जर भवन कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। हालांकि एक साल पहले 2024 में नगर पालिका परिषद ने ध्वस्तीकरण के लिए भवन स्वामियों को नोटिस दी थी, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में है। अब नगर पालिका इन जर्जर भवनों पर कार्रवाई के लिए यूएसडीए (उन्नाव- शुक्लागंज विकास प्राधिकरण) की जिम्मेदारी बता रहा है। वहीं प्राधिकरण नगर पालिका के पाले में गेंद फेंक कर पल्ला झाड़ रहा है।
पिछले साल बारिश के दिनों में शहर के सदर बाजार बड़ा चौराहा पर एक पुराने मकान का छज्जा गिर गया था। इससे आसपास के दुकानदारों, खरीदारों और मुख्य मार्ग से आवागमन कर रहे लोगों में भगदड़ मच गई थी। मलबा गिरने से कुछ लोगों को चोटें भी आई थी।
इसके बाद नगर पालिका ने शहर के सभी वार्डों में जर्जर भवनों का सर्वे कराया था। इसमें कुल 133 भवन चिह्नित किए गए थे। इन इमारतों का अक्सर कोई न कोई हिस्सा टूट कर गिरता रहता है। यह जर्जर भवन आसपास के घरों में रहे वाले और सड़कों से आवागमन कर रहे लोगों के लिए भी खतरा बने हैं।
इसके बाद भी इन भवनों को गिराने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उस समय केवल नोटिस देकर कोरम पूरा कर लिया। मौजूदा समय बारिश हो रही है। अक्सर बारिश में ही पुराने जर्जर मकान गिरने की आशंका रहती है।
ऐसे में यह भवन किसी भी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। वहीं अब नगर पालिका का कहना है कि जर्जर भवनों का काम यूएसडीए को दे दिया गया है। जबकि यूएसडीए पुराने जर्जर भवनों की जिम्मेदारी नगर पालिका की ही बता रहा है।
इन मोहल्लों में सबसे अधिक जर्जर भवन
शहर के कल्याणी देवी में 10, एबीनगर दक्षिणी व अकरमपुर में नौ-नौ, सिंगरोसी में आठ, आदर्श नगर, गांधीनगर व कासिम नगर में सात-सात सहित कुल 32 मोहल्लों में 133 जर्जर भवन हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूएसडीए) ही भवनों के नक्शे जारी करता है। इसलिए जर्जर भवनों को नोटिस व गिराने की जिम्मेदारी यूएसडीए को दे दी गई है। नगर पालिका प्रशासन का अब इससे कोई मतलब नहीं रह गया है।
संजय गौतम, ईओ
नगर पालिका भले ही इसे प्राधिकरण की जिम्मेदारी बता रहा हो, लेकिन लखनऊ जैसे महानगरों तक में यह नगर निगम ही जनमानस के लिए खतरा बने ऐसे भवनों पर कार्रवाई करता है। पालिका अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है। प्रकरण कुछ दिन पहले संज्ञान में आया था। फिलहाल सीआरपीसी की धारा 133 के तहत कार्रवाई के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय भेजा गया है।
नवीन चंद्र, एसडीएम/सचिव यूएसडीए
सिटी मजिस्ट्रेट अवकाश पर हैं, फिलहाल मेरे पास अतिरिक्त चार्ज है, प्रकरण की कोई जानकारी नहीं है। छुट्टी से लौटने पर उन्हीं से ही पूछ लीजिएगा।
क्षितिज द्विवेदी, एसडीएम सदर/ प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट