उन्नाव। विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी के चाचा के खिलाफ चल रहे जानलेवा हमले के मुकदमे में लगातार तीसरी पेशी में मंगलवार को भी पुलिस केस डायरी न्यायालय में प्रस्तुत नहीं कर पाई। माखी एसओ ने केस डायरी उपलब्ध कराने के लिए जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी को प्रार्थना पत्र दिया है। न्यायाधीश ने सख्त ऐतराज जताते हुए दो दिन की मोहलत दी है।
मालूम हो कि किशोरी के चाचा पर वर्ष 2000 में पंचायत चुनाव के दौरान विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर ने जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में किशोरी के चाचा व पिता सहित तीन लोग नामित थे। इसमें पिता व एक चाचा के दिवंगत होने से उन्हें आरोप मुक्त कर दिया गया था। जबकि एक चाचा के खिलाफ मुकदमा चल रहा था। न्यायालय ने नवंबर 2018 में उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। पुलिस ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था।
इस समय वह रायबरेली जेल में बंद हैं। कोर्ट लगातार इस केस की डायरी पुलिस से मांग रही है। लेकिन माखी पुलिस उसे उपलब्ध नहीं करा पाई। मंगलवार को भी एसओ माखी श्यामपाल केस डायरी कोर्ट के सामने प्रस्तुत नहीं कर पाए। उन्होंने जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी व ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर केस डायरी उपलब्ध कराने में मदद मांगी है। केस डायरी की कार्बन कॉपी भी थाने में नहीं है। फास्ट्र ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश प्रहलाद टंडन ने दो दिन का समय देते हुए अगली पेशी की तारीख 16 मई निर्धारित की है। आरोपी के वकील महेंद्र सिंह ने बताया कि केस डायरी न मिलने से तीसरी पेशी भी टल गई। अब अगली तारीख 16 मई दी गई है।
- फार्स्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश ने अगली पेशी के लिए तय की 16 मई तारीख
- जानलेवा हमले के मुकदमे में आरोपी किशोरी का चाचा जेल में है