उन्नाव। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के लिए इस बार 122 ग्राम पंचायतों ने आवेदन किया है। पंचायतीराज विभाग की ओर से आए आवेदनों का सत्यापन शुरू करा दिया गया है।
विकास के पैमाने पर खरी उतरने वाली ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन राशि देने के लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत उन ग्राम पंचायतों को चयनित किया जाता है जो गांव पंचायत खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) होती है।
पंचायत के प्रत्येक बच्चे व गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण होता है। विद्यालय में नियमित एमडीएम बनता है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चे नियमित पोषाहार पाते हैं। वहीं गांव की नालियों व गलियों की नियमित सफाई होती है। पूर्व में ग्राम पंचायत को योजना का लाभ लेने के लिए पूर्व में ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था दी गई थी।
पंचायत को ऑनलाइन ही 32 बिंदुओं की रिपोर्ट भरना था। अंतिम तिथि तक 122 ग्राम पंचायतों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। अब इसका जिलास्तर सत्यापन कराया जा रहा है। डीपीआरओ डॉ. निरीश चंद्र साहू ने बताया कि पिछले साल पांच पंचायतों को पुरस्कार मिला था। इस बार जो आवेदन आए हैं उनकी जांच कराई जा रही है।
इसके बाद सूची शार्टलिस्ट करके लखनऊ मुख्यालय भेजा जाएगी। फिर वहां से राज्यस्तरीय टीम आकर सत्यापन करेगी। बताया कि मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार योजना में इनाम पांच पंचायतों को ही दिया जाएगा। इनमें से जो पंचायत पहले नंबर पर आएगी उसे 11 लाख रुपये का सम्मान दिया जाएगा। इसके बाद शामिल अन्य ग्राम पंचायतों को क्रमश: नौ, सात, पांच और तीन लाख का पुरस्कार दिया जाएगा।