उन्नाव। युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति व सास को दोषी पाते हुए छह साल का कारावास व 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की जेल और काटनी होगी।
पुरवा कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कस्टोलवा पुरवा में 17 जून 2014 को शैल कुमारी पत्नी ज्ञानेंद्र का शव फांसी पर लटका मिला था। मृतका के पिता माखी थानाक्षेत्र के गांव थाना निवासी जसवंत सिंह पुत्र स्व. बिहारी ने पति ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, सास विनोदा सिंह, ससुर चुन्नू सिंह, देवर धर्मेंद्र सिंह व ननद शिखा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच में मृतका के पति ज्ञानेंद्र, सास विनोदा व ससुर चुन्नू सिंह को दोषी मिलने पर चार्जशीट दाखिल की थी।
सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। इस दौरान ही हत्यारोपी ससुर चुन्नू सिंह की मौत हो गई। न्यायाधीश रामप्रकाश पांडेय ने अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों और गवाहों को सुनने के बाद पति व सास पर हत्या का दोष सिद्ध पाया। सहायक शासकीय अधिवक्ता रामजीवन यादव की दलीलाें को सुनने के बाद न्यायाधीश ने मृतका शैलकुमारी के पति ज्ञानेंद्र व सास विनोदा सिंह को छह साल की सजा व दस-दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
- 10-10 हजार रुपये जुर्माना, अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त जेल