अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। पोस्टमार्टम हाउस में गंदगी मिलने पर सीएमओ ने जिला अस्पताल के मैनेजर और बाबू का एक दिन का वेतन रोक दिया है। दोनों कर्मियों से दो दिन के अंदर जवाब भी तलब किया है।
शहर के अकरमपुर स्थित एक फैक्ट्री में जहरीली गैस से तीन श्रमिकों की मौत की सूचना पर जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय जिला अस्पताल पहुंचे थे। जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में उन्हें भीषण गंदगी फैली मिली थी। इस पर उन्होंने सीएमओ को कड़ी फटकार लगाई थी। सीएमओ व कार्यकारी सीएमएस डा. लालता प्रसाद ने जिला अस्पताल के मैनेजर डा. आरिफ व वरिष्ठ सहायक रमेश कुमार को पोस्टमार्टम हाउस में फैली गंदगी के लिए जिम्मेदार माना। उन्होंने समय से स्पष्टीकरण न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सीएमओ की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
पोस्टमार्टम हाउस में गंदगी पर जिला अस्पताल के मैनेजर व बाबू का एक दिन का वेतन काटने के आदेश का कर्मियों ने विरोध किया है। अस्पताल कर्मियों के अनुसार पोस्टमार्टम हाउस सीएमओ के अधिकार क्षेत्र में आता है। जिला अस्पताल के कर्मियों का पोस्टमार्टम हाउस से कोई लेना देना नहीं। ऐसे में यह कार्रवाई गलत है। पोस्टमार्टम हाउस में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति सीएमओ स्तर से ही होती है।
मानदेय न मिलने से भाग गए कर्मचारी
पोस्टमार्टम हाउस में सफाई के लिए सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों व सेवा प्रदाता कंपनी के बीच मतभेद पैदा हो जाने से कर्मियों का मानदेय रोक दिया गया था। आठ माह से मानदेय न मिलने पर सफाई कर्मचारी नौकरी छोड़ कर भाग गए थे।
नियमित कर्मचारी हैं पर नहीं होती सफाई
पोस्टमार्टम हाउस में सफाई के लिए दो नियमित कर्मचारी तैनात हैं। हालांकि अधिकारियों के खासमखास होने से वह सफाई पर ध्यान नहीं देते। ऐसे में पोस्टमार्टम हाउस में गंदगी फैली रहती है। बताया जा रहा है नियमित कर्मचारियों में से एक कर्मचारी सप्ताह में सिर्फ एक दिन ही आता है।
-सीएमओ ने जिला अस्पताल कर्मियों पर की कार्रवाई
-डीएम ने पोस्टमार्टम हाउस में गंदगी मिलने पर लगाई थी फटकार