पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी पहुंचे। आग पर काबू पाने में सात दमकलों को तीन घंटे लगे। यार्ड मालिक के अनुसार करीब 13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बताया कि गाड़ी का शोरूम कानपुर में है, लेकिन यार्ड यहां बना रखा था, जिसमें पेट्रोल और सीएनजी दोनों वर्जन की कुल 160 गाड़ियां खड़ी थीं। एफएसओ के अनुसार अभी तक 71 कार जलने और नौ सुरक्षित बचने की पुष्टि हुई है। तपिश कम होने पर गुरुवार को जांच की जाएगी।
दोपहर करीब पौने तीन बजे अचानक यार्ड के बगल में कूड़े और झाड़ियों में आग की लपटें उठते देख यार्ड इंचार्ज नवनीत सिंह और गार्ड प्रमोद कुमार तिवारी ने सबमर्सिबल से आग बुझाने का प्रयास किया। सफलता न मिलने पर पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सदर कोतवाली प्रभारी अवनीश सिंह, सीएफओ अनूप सिंह, अग्निशमन अधिकारी शिवराम यादव स्टेशन पर खड़ी एक दमकल लेकर पहुंचे।
इसी दौरान तेज हवा चलने से लपटों ने यार्ड में खड़ी नई कारों को चपेट में ले लिया। तेजी से आग भड़कते देख बीघापुर, हसनगंज और पुरवा स्टेशन से तीन और दमकल मंगाई गईं, लेकिन गाड़ियों में पेट्रोल और फाइबर होने से आग तेजी से भड़कती रही। इससे कानपुर से एक हाइड्रोलिक गाड़ी सहित तीन दमकल मंगवाई गईं। लखनऊ से भी तीन दमकल बुलाई गईं। हालांकि, आग नियंत्रित होने से उन्हें सोहरामऊ से लौटा दिया गया। आग पर पूरी तरह काबू पाने में तीन घंटे लग गए।
सूचना पर कानपुर के कृष्णानगर निवासी यार्ड मलिक राजेश कुमार गुप्ता भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि कानपुर के शोरूम में सप्लाई के लिए यहां स्टॉक यार्ड बना रखा था। उनके अनुसार आग से 120 कारें जली हैं और करीब 13 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं, एफएसओ शिवराम यादव के अनुसार अभी 71 कारें जलने की पुष्टि हुई है। जबकि नौ कार को सुरक्षित बचा लिया गया है। बताया कि पूरी घटना की जांच की जाएगी।